सद्भावना एक्सप्रेस के एसी कोच में एक माननीय अपनी पिस्टल भूल गए। तकिये के नीचे पिस्टल और कारतूस देखकर टीटी के भी होश उड़ गए। उसने इसकी सूचना मुरादाबाद कंट्रोल रूम को दी। लक्सर स्टेशन पर आरपीएफ ने पिस्टल और कारतूस कब्जे में ली। उसके बाद विधायक को तलब कर इसे उनके सुपुर्द कर दिया।
नहटोर विधायक लोकेंद्र चौहान बुधवार को सद्भावना में सफर कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपना लाइसेंसी पिस्टल और कारतूस सीट पर ही तकिये के नीचे रख दिया था। बिजनौर स्टेशन पर विधायक उतर गए, लेकिन पिस्टल की याद नहीं रही। बिजनौर से ट्रेन रवाना होने के काफी देर बाद जब टीटी अर्जुन सिंह मीणा संबंधित कोच में पहुंचे तो उन्हें तकिये के नीचे पिस्टल और कारतूस मिले। उन्होंने रेलवे कंट्रोल रूम और उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी। आरपीएफ और जीआरपी को भी सूचित किया। सद्भावना एक्सप्रेस के लक्सर पहुंचने पर आरपीएफ प्रभारी प्रमोद कुमार अवस्थी मौके पर पहुंचे और टीटी से पिस्टल और कारतूस कब्जे में ली। इसके बाद आरपीएफ ने अपने स्तर से जांच पड़ताल के बाद नहटोर विधायक को इसकी जानकारी दी। साथ ही लक्सर आकर पिस्टल ले जाने की बात कही। एहतियात बरतने की चेतावनी के साथ आरपीएफ ने पिस्टल माननीय के हवाले की। ट्रेन यात्रियों और सुरक्षा बलों में भी घटना को लेकर चरचा होती रही।