उत्तराखंड को प्राकृतिक आपदा के दौरान सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी से हो सके इसके लिए पर्वतीय जिलों चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में सूचना तंत्र को अत्याधुनिक बनाया जाएगा।
इसके लिए मंगलवार को नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट सर्विसेज (एनडीएमएस) और उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग के बीच समझौता हुआ है। एनडीएमएस की ओर से अदर डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (ओडीएमपी) के तहत सूचना तंत्र विकसित किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी बीएसएनएल को सौंपी गई और लिए 19.54 करोड़ के बजट का प्रावधान भी कर दिया गया है।
उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव संतोष बड़ोनी के मुताबिक पहले चरण में 120 जगहों पर सेटेलाइट फोन स्थापित किए जाएंगे। गृह मंत्रालय, एनडीआरएफ मुख्यालय, राज्य मुख्यालय को सूचना तंत्र से जोड़ने के साथ राज्य के आपदा प्रभावित जिलों में 81 टेलीकम्यूनिकेशन सेंटर विकसित किए जाएंगे।
आपदा प्रबंधन अधिकारियों के मुताबिक किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जिला मुख्यालय से लेकर गृह मंत्रालय के आला अफसरों को पहल झपकते ही सूचनाएं भेजी जा सकेंगी।