नैनबाग (टिहरी)। गर्मी की दस्तक शुरू होने के साथ ही नैनबाग के लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। स्रोतों पर पानी पर्याप्त है। बावजूद इसके जल संस्थान की लापरवाही से पानी टैंकों तक नहीं पहुंच पा रहा है। कई स्थानों पर पाइप लाइन लीकेज है। कुछ जगहों पर टंकी की सफाई न होेने से पेयजल किल्लत की समस्या गहराती जा रही है। ऐसी स्थिति में लोगों को पानी भरने के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों की ओर रुख करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पिछले पांच दिनों से नैनबाग में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। प्राकृतिक जल स्रोतों पर पानी भरने के लिए लोगों को लाइन में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। विक्रम सिंह चौहान, दिनेश नौटियाल, श्याम सिंह चौहान का कहना है विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से पानी का संकट हुआ है। यदि लीकेज लाइनों की मरम्मत और टैंकों की सफाई हो जाती तो पानी का संकट नहीं होता। नैनबाग एनजी रोड पर ग्राम फफरोग के समीप काफी समय से पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त है।
कोट-
मसोन खड से आने वाली पेयजल लाइन चोक होने से पानी टैंकों तक नहीं पहुंच पा रहा है। मसोन खड में भी पर्याप्त पानी नहीं है। क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक करने का काम चल रहा है। -जेसी भट्ट जेई जल संस्थान नैनबाग
कंडीसौड़ में बढ़ने लगी पेयजल की किल्लत
कंडीसौड़ (टिहरी)। चारधाम यात्रा के पड़ाव कंडीसौड़ में गर्मी शुरू होते ही पेयजल संकट गहराने लगा है। ग्रामीणों को घंटों इंतजार के बावजूद पानी नसीब नहीं हो रहा है। बावजूद इसके जल संस्थान ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है।
कंडीसौड़ के निवासियों की जलापूर्ति के लिए जल संस्थान ने 2004 में 32 एमएम की पाइप लाइन बिछाई थी। तब लाइन से केवल 50 उपभोक्ताओं को ही जलापूर्ति की जाती थी। अब लाइन से करीब तीन सौ उपभोक्ता जुड़ गए हैं। जिससे ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए देर रात तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। ग्रामीण तारा दत्त उनियाल और रक्षपाल सिंह गुसाईं ने बताया कि लंबे समय से पेयजल लाइन की क्षमता बढ़ाने की मांग की जा रही है। बावजूद जल संस्थान ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं। जलसंस्थान के एई राजेंद्र पाल का कहना है कि कंडीसौड़ में पेयजल किल्लत की कोई शिकायत नहीं मिली है। लाइन से पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है। जिन लोगों को शिकायत है, वह लिखित में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।