नई टिहरी। चंबा-धरासू राष्ट्रीय राजमार्ग कोटीगाड़, ढिक्यारा, खांड समेत पांच स्थानों पर पहाड़ियों से भूस्खलन जारी है। जिससे यहां रास्ता अक्सर बाधित रहता है। जिससे लोग यहां घंटों फंसे रहते हैं। कोटीगाड़ में वर्ष 2010 से ही बरसात के दिनों में मार्ग घंटों बाधित होता रहता है। वाहन दलदल में फंस जाते हैं और बामुश्किल आगे बढ़ पाते हैं। वहीं पहाड़ियों से आ रहा मलबा लोगों की जान पर कभी भी भारी पड़ सकता है।
चंबा-धरासू मोटर मार्ग पर कोटीगाड़, ढिक्यारा, खांड, सैनसारीखाला, रत्नौगाड़, डोभन सरोट और उनियालगांव के पास लगतार पहाड़ियों से मलबा आने से डेंजर जोन बने हुए हैं। ढिक्यारा और कोटीगाड़ में लोगों को दो से तीन घंटें मार्ग खुलने के इंतजार में बीत रहा है। बारिश शुरू होते ही इन दो स्थानों पर पहाड़ी से मलबा गिरने लगता है। जो राह चलते लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। वर्ष 2010 में कोटीगाड़ में हुए भूस्खलन से करीब डेढ़ दर्जन दुकानें ध्वस्त होने के साथ ही करीब चार हजार तीर्थ यात्री भी पांच दिन तक फंसे रहे थे। मार्ग पर चंबा से लेकर धरासू तक एक दर्जन स्थानों पर भारी मलबा और बरसाती पानी जमा है। लोग वाहनों को ठेल-ठेल कर आगे बढ़ा रहे हैं। लेकिन बीआरओ कोटीगाड़ और ढिक्यारा का स्थायी हल निकालना तो दूर सड़कों का मलबा भी साफ नहीं कर रहे हैं। यदि समय रहते बीआरओ ने डेंजर जोन बने स्थानों का ट्रीटमेंट नहीं किया तो आने वाले दिनों में यह और भी ज्यादा परेशानी का कारण बन सकता है।
कोट
बीआरओ को सड़कों पर आने वाले मलबे को तत्काल हटाने और डेंजर जोन पर हर समय जेसीबी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। कोटीगाड़ और ढिक्यारा का स्थायी हल निकालने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
-संतोष कुमार पांडेय, एसडीएम, कंडीसौड़।