चंबा (टिहरी)। बाजार में ब्रांडेड कपड़ों को टक्कर देने के लिए खादी तैयार हो गई है। नए जमाने के ढंग से खादी को बदलने के लिए खादी बोर्ड चंबा का वूलन और काटन वस्त्रों पर डिजाइनिंग का 45 दिनी प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया है। ऐसे में राज्य के सभी खादी केंद्रों में कमीज, चादर, कोट, कुर्ते, शॉल, पंखी सहित कई उत्पाद नए रूप-रंग में लोगों को मिल सकेंगे।
बाजार में देशी-विदेशी कंपनी के नए-नए डिजाइनों की चकाचौंध में खादी के कपड़े ओल्ड फैशन माना जाता है। जिस कारण खादी के कपड़े एक वर्ग विशेष तक सीमित रह गए थे। इस चुनौती से निपटने के लिए खादी बोर्ड ने पहली बार खादी के कपड़ों में 45 दिनी डिजाइनिंग कार्यक्रम शुरू किया। इस दौरान बुनकरों को शर्टिंग, शूट, मफलर, शॉल, कोट, पंखी, स्वेटर, जैकेट, कुर्ते आदि कपड़ों में डिजाइनिंग के गुर सिखाए गए। अब इन्हीं बुनकरों के हाथ से तैयार वस्त्र राज्य के विभिन्न खादी केंद्रों में बेचे जाएंगे। खास बात यह है कि खादी में आए इस बदलाव के बाद भी उत्पादों की कीमत में कोई इजाफा नहीं किया गया है।
बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्द्धा और ब्रांडेड कपड़ों के सामने खादी ओल्ड फैशन मानी जाती थी। इसे देखते हुए खादी में चमक लाने के लिए शुरू किया गया डिजाइनिंग प्रशिक्षण पूरा हो गया है। इस परीक्षण के बाद नए उत्पादों के विपणन के लिए सभी केंद्रों से संपर्क साधा जा रहा है। - सुरेंद्र सिंह बौनाल, क्षेत्रीय अधीक्षक खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड चंबा