थत्यूड़ (टिहरी)। आपदा प्रभावित परोड़ी गांव में अब पेयजल संकट गहराने लगा है। आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइन की मरम्मत नहीं होने से यह समस्या खड़ी हुई है। गांव के 120 परिवारों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है।
जौनपुर प्रखंड के आपदा प्रभावित परोड़ी गांव का सुख चैन 16/17 जून की आपदा ने छीन लिया था। 20 से अधिक आवासीय भवन आपदा की भेंट चढ़ गए थे। मदद के लिए तमाम स्वयं सेवी संस्थाओं ने हाथ आगे बढ़ाया। गांव की महिलाओं ने खुद श्रमदान कर क्षतिग्रस्त रास्तों को आवागमन के लायक बनाया। लेकिन पेयजल समस्या का समाधान अभी तक नहीं हो सका। जल संस्थान ने क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की मरम्मत नहीं की। अभी तक ग्रामीण प्राकृतिक जलस्रोतों से हलक तर कर रहे थे। लेकिन अब प्राकृतिक जलस्रोतों पर पानी कम हो गया है। ऐसे में ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। गांव के निवर्तमान प्रधान श्रीकृष्ण बनदानी, जगदीश प्रसाद लेखवार और जयकृष्ण लेखवार ने बताया कि सर्दी में ही पेयजल का संकट शुरू हो गया तो गर्मी आते-आते क्या स्थिति होगी। इन लोगों का कहना है कि क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत के लिए पेयजल मंत्री, डीएम और जल संस्थान से गुहार लगा चुके है। लेकिन किसी ने भी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया।
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आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाआें के लिए अभी तक बजट निर्गत नहीं किया गया है। परोड़ी में कुछ समय तक प्लास्टिक के पाइपों से से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई थी। पेयजल योजना का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है।
-पीएस पंवार ईई जल संस्थान