चंबा (टिहरी)। उत्तरकाशी केनैताला, साल्डा और किरोली के काश्तकारों ने चंबा मसूरी फल पट्टी, वानिकी और औद्यानिकी विवि के काणाताल परिसर का भ्रमण कर नकदी फसलों के उत्पादन के बारे में जानकारी ली। विशेषज्ञों ने काश्तकारों को सब्जी के बाजारीकरण और मंडी में बेचने के तौर तरीके की जानकारी दी। डा. विजय भारद्वाज ने काश्तकारों को मटर, आलू और अन्य नकदी फसलों के उत्पादन की बारीकियां बताई। स्वयं सेवी संस्था के अध्यक्ष प्रदीप कोठारी ने किसानों को समेकित कृषि के बारे में बताया। समेकित आजीविका विकास परियोजना के सहायक प्रबंधक कुलदीप बिष्ट ने बताया कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों में किसान अभी भी कृषि में पुरानी तौर तरीकों का ही इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे फसलाें का उत्पादन नहीं बढ़ पा रहा है। इस अवसर पर गीता भट्ट, बिमला, एकादशी देवी, प्रर्मिला, मधु, अनिल रमोला, रविंद्र आदि उपस्थित थे।