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खुद पर आग लगानेे वाले युवक ने दम तोड़ा, प्रदर्शन

Udham singh nagar Updated Thu, 06 Nov 2014 05:30 AM IST
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खटीमा। उपजिलाधिकारी कार्यालय के बाहर 20 अक्टूबर को खुद को आग लगाने वाले युवक की 3 नवंबर को देर रात दो बजे रुहेलखंड मेडिकल कालेज में निधन हो गया। मृतक के परिजनों ने कोतवाली में प्रदर्शन कर युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने और षड्यंत्र करने वालों के विरुद्ध नामजद तहरीर सौंपकर सख्त कार्रवाई करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया है।
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मृतक सचिन रस्तोगी की मां कमलेश रस्तोगी ने पुलिस को सौंपी तहरीर में कहा कि उसके पुत्र सचिन ने बीना देवी पुत्री अमर सिंह निवासी वार्ड संख्या से रामपुर में 29 अप्रैल 2011 को प्रेम विवाह किया था। बीना के माता-पिता और उसके भाई शादी से खुश नहीं थे। नौ मई 2011 को पुत्रवधू ने अपने माता, पिता, भाई, बहन से अपनी और सचिन की जान को खतरा बताया था। पुत्रवधू के गर्भवती होने की खबर जब बीना के मायके वालों को हुई तो उन्होंने उसे बुला लिया। दो जुलाई 2014 को सचिन की गैरमौजूदगी में पुत्रवधू मायके यह कहकर गई कि कुछ देर में आ जाऊंगी लेकिन वापस नहीं आई। अगले दिन जब सचिन अपनी पत्नी को लेने पहुंचा तो ससुराल वालों ने बीना को नहीं भेजा और गाली-गलौच कर भगा दिया।
कुछ दिनों बाद सचिन ने ससुरालियों पर पत्नी का गर्भपात कराने का आरोप लगाया था। इसमें कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय के आदेश पर धारा 312, 223, 504, 506 में अमर सैनी, राजो देवी, कुलदीप सैनी, सुनीता त्यागी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सचिन ने जांच अधिकारी बदलने और उचित कार्रवाई नहीं होने से तंग आकर 17 अक्टूबर को एसडीएम कार्यालय में आत्मदाह की लिखित सूचना दी थी। लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच आरोपियों के उकसाने पर और परेशान होकर 20 अक्तूबर को सचिन ने आग लगा ली। बरेली में 15 दिन बाद उसकी मौत हो गई। कमलेश ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की। कोतवाल डीएस दिगारी ने कहा कि आरोपियों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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कोतवाली में व्यापारियों ने किया हंगामा
खटीमा। सचिन की मौत के बाद सर्राफ व्यापारियों ने कोतवाली में हंगामा किया। व्यापारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग और इस प्रकरण की जांच कर रहे पुलिस कर्मियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की, जिनकी संवेदनहीनता के चलते सचिन को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। व्यापारियों ने आरोपियों व पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस अवसर पर रमेश जोशी रामू, गौरी शंकर अग्रवाल, शिवलाल रस्तोगी, सतीश गोयल, अनमोल अग्रवाल, रबीश भटनागर, ध्यानपाल सिंह, मुकेश वर्मा आदि थे।
पांच बहनों में अकेला भाई था सचिन
खटीमा। पांच बहनों में सचिन अकेला भाई था। कोतवाली में बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बहनें पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रही थीं। उनका आरोप था कि पुलिस उनके भाई से पैसे भी ऐंठ रही थी।
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