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भाकियू ने दो घंटे जाम की प्रदेश की सीमा

ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर Updated Tue, 09 Aug 2016 11:42 PM IST
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जाम - फोटो : अमर उजाला
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भारतीय किसान यूनियन ने अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल पूरे होने पर पर्वतीय किसानों के शोषण के विरोध में राज्य की सीमा पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। दो घंटे के जाम में ठाकुरद्वारा रोड पर हजारों ट्रक, बस और अन्य वाहन फंसे रहे। 
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किसानों ने जाम खोलने के बाद एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। 
 मंगलवार सुबह भारतीय किसान यूनियन (युवा) के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द राणा की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसानों ने सूर्या पुलिस चौकी के पास प्रदेश और यूपी की सीमा पर वाहन आड़े-तिरछे खड़े कर जाम कर दिया। 

किसानों ने दो पहिया वाहन, ट्रक, बस, टेंपो सहित सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रोक दी। इसके चलते ठाकुरद्वारा रोड के दोनों तरफ तीन किलोमीटर जाम लग गया। सभा में रविंदर राना ने कहा कि आजादी से पहले अंग्रेजों ने पर्वतीय किसानों के शोषण का सिलसिला शुरु किया था, जो आज तक जारी है। 
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पर्वतीय क्षेत्रों में किसान मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्हें अपनी फसल को मंडी पहुंचाने की सुविधा नहीं है। लगातार उपेक्षा से सीमा के बसे गांव पलायन के बाद खाली हो गए। भूपेन्द्र सराहा ने सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि बंद हो चुकी काशीपुर चीनी मिल पर किसानों का करोड़ों रुपया बाकी है।

लेकिन सरकार अभी तक किसानों को भुगतान नहीं दिला पाई है। किसानों ने दो घंटे बाद जाम खोलकर एसडीएम दयानंद सरस्वती को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने भारत चीन सीमा के गांवों से पलायन रोकने, पर्वतीय क्षेत्र के किसानों को पर्वतीय भत्ता, उपज को मंडी तक ले जाने को भत्ता देने की मांग की। 

स्थानीय किसानों का भुगतान नहीं करने वाली मिलों के खिलाफ कार्रवाई करने, जम्मू कश्मीर के समान ही बीस गुणा लगान जमा करने पर वर्ग-4 की भूमि पर भूमिधरी देने, एस्कार्ट फार्म के पट्टाधारी किसानों को तिवारी सरकार से समझौते के अनुसार भूमिधरी देने की मांग की है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अजीत चौधरी, अपूर्व मेहरोत्रा, मनोज चौधरी, भूपेन्द्र सराह, प्रेम सिंह सहोता, रोशन जहां, लता चौधरी आदि मौजूद रहे। 

जाम के दौरान पुलिसकर्मी नदारद

सूर्या चौकी से करीब एक किलोमीटर दूर किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर जाम लगाया था। लेकिन पुलिस का एक भी जवान वहां पर मौजूद नहीं था। दो घंटे तक जाम लगा रहा, लेकिन किसी भी पुलिस कर्मी ने वहां जाने की जहमत तक नहीं उठाई। 
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