एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

गलत रिपोर्ट देने पर आबकारी इंस्पेक्टर पर मुकदमा 

अमर उजाला ब्यूरो  काशीपुर। Updated Mon, 14 May 2018 12:03 AM IST
विज्ञापन
liquor shimla
विज्ञापन

Next Article

गलत रिपोर्ट देना आबकारी इंस्पेक्टर को महंगा पड़ गया। पुलिस ने मामले में आबकारी इंस्पेक्टर के खिलाफ षड्यंत्र में शामिल होने का मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही आबकारी इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट एसएसपी के माध्यम से डीएम को भेजी है। वहीं, शराब मालिक पर धोखाधड़ी की धारा भी बढ़ाई गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने बीती तीन अप्रैल की रात गंगे बाबा रोड स्थित एक अंग्रेजी शराब की दुकान के गोदाम से करीब 624 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया था। घटना के तीन दिन बाद शराब के मालिक ने पकड़ी गई शराब को वैध बताते हुए रिलीज कराने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। इसके साथ में आबकारी इंस्पेक्टर की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई थी।

आबकारी इंस्पेक्टर की रिपोर्ट में कहा गया था कि दुकान का दोबारा आवंटन हुआ है। बरामद शराब रुद्रपुर से नियमानुसार आवंटित हुई है। इधर, सीओ राजेश भट्ट ने बताया कि जिस दिन शराब पकड़ी गई थी, उस दिन आबकारी इंस्पेक्टर से स्टॉक की रिपोर्ट ली गई थी। आबकारी इंस्पेक्टर ने 31 मार्च 2018 तक दुकान का स्टॉक लगभग शून्य के बराबर बताया था।
विज्ञापन


सीओ ने बताया कि दुकानों का आवंटन चार अप्रैल के बाद हुआ है, जबकि शराब तीन अप्रैल को पकड़ी गई। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने आपत्ति सुनने के बाद आबकारी इंस्पेक्टर की रिपोर्ट खारिज कर दी। पुलिस ने गलत तरीके से आवेदन करने पर मालिक संदीप चौहान के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही आबकारी इंस्पेक्टर को 120 बी का मुल्जिम बनाया है। सीओ ने बताया कि आबकारी इंस्पेक्टर पर प्रशासनिक कार्रवाई करने के लिए एसएसपी के माध्यम से डीएम को रिपोर्ट भेजी गई है। इधर, जब आबकारी इंस्पेक्टर से उनका पक्ष लेने के लिए फोन किया गया तो फोन रिसीव नहीं हुआ। 

आबकारी इंस्पेक्टर ने गलत रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इसके लिए मेरे माध्यम से आबकारी विभाग के आयुक्त को इंस्पेक्टर के संबंध में लिखित रूप से जानकारी भेजी गई है। आबकारी विभाग की ओर से भी इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
- डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी, ऊधम सिंह नगर। 
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें