मंडी लाइसेंस बनाने के नाम पर आढ़ती से आठ हजार की रिश्वत मांगने वाले मंडी निरीक्षक को मंडी परिषद के एमडी धीराज गर्ब्याल ने सस्पेंड कर दिया है। वहीं, आरोपी की गिरफ्तारी को विजिलेंस टीम ने खटीमा और बनबसा में दबिश दी। लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। टीम को आशंका है कि वह नेपाल भाग गया है। जल्द ही निरीक्षक के सरेंडर ना करने पर विजिलेंस उसके खिलाफ कोर्ट से कुर्की का आदेश लेगी।
शुक्रवार को विजिलेंस ने इंद्र बहादुर की धरपकड़ को बगवाड़ा मंडी और किच्छा स्थित उनके सरकारी आवास पर दबिश दी लेकिन वह पकड़ में नहीं आए। एक बार फिर विजिलेंस के इंस्पेक्टर पंकज उप्रेती, संजय पांडे, इंदर सिंह राणा और एसआई प्रदीप देवली ने मंडी निरीक्षक के खटीमा और बनबसा में उनके ठिकानों पर दबिश दी। लेकिन वह नहीं मिला।
विजलेंस टीम में शामिल आरएस मेहता और इंद्र सिंह राणा खटीमा पुलिस को वारंट देकर चली आई। विजलेंस विभाग का कहना है कि आरोपी के नहीं मिलने पर धारा 82 के तहत कोर्ट से कुर्की उद्घोषणा करने का अनुरोध किया जाएगा। विजिलेंस इंस्पेक्टर पंकज उप्रेती ने बताया आरोपी की जल्द गिरफ्तारी न होने पर इंद्र बहादुर के खिलाफ कोर्ट से कुर्की आदेश लेकर उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।
क्या था मामला
मंडी निरीक्षक इंद्र बहादुर चंद ने मंडी का लाइसेंस बनवाने के लिए आढ़ती पुरुषोत्तम अग्रवाल से 251 रुपये लाइसेंस फीस के अलावा आठ हजार रुपये मांगे थे। 21 अगस्त को इंद्र बहादुर ने अवकाश पर जाने के बाद अपने साथी निरीक्षक भुवन गोस्वामी को पैसा लेने के लिए कहा था। इस मामले में विजलेंस टीम ने इंद्र बहादुर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं, अदालत ने आरोपी मंडी निरीक्षक इंद्र बहादुर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर लिया।