एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

मुआवजे के बाद भी डटे थे, 21 मकानों पर गरजी जेसीबी 

अमर उजाला ब्यूरो  सितारगंज। Updated Wed, 21 Feb 2018 12:44 AM IST
विज्ञापन
सितारगंज कठंगरी गांव में एनएच की जद में आए मकान को धराशायी करती जेसीबी मशीन। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

Next Article

राष्ट्रीय राजमार्ग 74 पर हाइवे की जद में आने वाले मकान और प्रतिष्ठानों को प्रशासन ने पीएसी की मौजूदगी में ढहा दिया। पहले दिन कठंगरी गांव में करीब 21 मकानों पर जेसीबी गरजी। कार्रवाई से मकान स्वामियों और उनके परिवारों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी ने घर से सामान निकाला। अभियान के दौरान एक ग्रामीण के घर विवाह समारोह होने पर प्रशासन ने उसे दो दिन के भीतर मकान तोड़ने का अल्टीमेटम दिया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन


क्षेत्र के ग्राम नकहा से कठंगरी तक एनएच-74 की जद में करीब 40 मकान और प्रतिष्ठान आ रहे हैं। वर्ष 2016 में इन मकान और दुकान स्वामियों को एसएलओ कार्यालय रुद्रपुर से मुआवजा दिया जा चुका है। इन मकान और दुकान स्वामियों को मुआवजा मिलने के बाद स्वयं ही अतिक्रमण हटाना था, लेकिन अभी तक हाइवे की भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका था।

इस पर डीएम डॉ. नीरज खैरवाल के निर्देश पर बीते दिनों एनएचएआई और राजस्व विभाग की टीम ने हाइवे की जमीन पर अतिक्रमित मकानों और प्रतिष्ठानों को चिन्हित किया था। मंगलवार को एसडीएम विनोद कुमार ने राजस्व एवं एनएचएआई के अधिकारी और कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचकर कठंगरी गांव से हाइवे की जद में आ रहे मकान और प्रतिष्ठानों के ध्वस्तीकरण की शुरुआत की। एसडीएम ने बताया कि कठंगरी गांव में हाइवे की जद में करीब 22 मकान आए हैं।
विज्ञापन


इनमें से 21 मकानों को ढहा दिया गया है। फैमुद्दीन पुत्र बली मोहम्मद ने घर में विवाह समारोह होने से मकान ढहाने के लिए दो दिन की मोहलत मांगी। एनएचएआई के कर्मियों के कहने पर दो दिन के भीतर स्वयं मकान तोड़ने का अल्टीमेटम दिया गया। अतिक्रमण ध्वस्तीकरण के दौरान एक प्लाटून पीएसी भी गांव में तैनात रही। बताया कि कठंगरी से लेकर नकहा गांव तक तीन दिन के भीतर हाइवे भूमि से अतिक्रमण हटा दिया जाएगा। वहां तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल, सुदेश कुमार, एनएचएआई के साइट इंचार्ज एचके जोशी, नीरज बिष्ट, एसएसआई बीएस बिष्ट आदि थे। 


हाइवे चौड़ीकरण को चलाया अभियान
जसपुर में हाइवे चौड़ीकरण के लिए ली गई भूमि खाली कराने को एसडीएम ने एनएचएआई अधिकारियों के साथ अभियान चलाया। किशनपुर और बहेड़ी गांव से इसकी शुरूआत की गई। इससे पहले एसडीएम कार्यालय में बैठक कर खुद से भूमि खाली करने का अधिकारियों से आह्वान किया गया। कार्यालय में आयोजित बैठक में एसडीएम दयानंद सरस्वती एवं पीएस पांडे एनएचएआई प्रबंधक तकनीक नजीबाबाद ने बताया कि तहसील क्षेत्र में मुआवजा मिलने के बाद 256 किसानों भूमि अभी भी खाली नहीं हुई है। इस पर मकान, दीवार, दुकान एवं व्यवसायिक भवन खड़े हैं। नोटिस के माध्यम से भी उन्हें अवगत कराया जा चुका है। वहां तहसीलदार महेंद्र बिष्ट, कोतवाल अबुल कलाम, एनएचएआई ठेकेदार, लेखपाल आदि थे।

आठ स्थानों पर बनेंगे गति अवरोधक
जसपुर। एसडीएम कार्यालय में हुई बैठक में एसडीएम दयानंद सरस्वती ने कहा कि काशीपुर-जसपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह बने गति अवरोधक की लोगों ने शिकायत की है। इस पर एनएचएआई अधिकारी पीएस पांडे ने बताया कि हाइवे में जिस जगह रंबल ब्रेकर बने हैं वह दुर्घटना संभावित क्षेत्र हैं। जो पंद्रह स्ट्रिप मेें 20 एमएम से 25 एमएम तक बनाए जाते हैं। यदि उससे अधिक है तो उन्हें मानक के अनुरूप कराया जाएगा। इस दौरान उन्होंने आठ स्थानों को एक्सीडेंट जोन घोषित कर वहां सौ एमएम के गति अवरोधक बनाने की बात कही। इसके बाद उन्होंने स्पीड ब्रेकरों का निरीक्षण किया। वहां तहसीलदार महेंद्र बिष्ट, कोतवाल अबुल कलाम, एसआई लाखन सिंह आदि थे। 

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें