डकैती में पकड़े गए डकैत बेहद शातिर ही नहीं बल्कि डकैती के दौरान किसी को उन पर शक न हो इसके लिए कोड वर्ड में भी बातें करते थे। सभी डकैत ऐसे घरों को टारगेट करते थे जहां से उनको भागने में आसानी हो।
सूत्र बताते है कि पकड़े गए डकैत सूनसान इलाकों में बने घरों की रेकी करते थे। इसके बाद उन घरों में कितने लोग रहते हैं या वहां आसपास कितने घर है इसके बारे में जानकारी जुटाते थे। इतना ही नहीं किसी को उनके डकैत होने का शक न हो इसलिए वह हर घर में यह आवाज लगाकर कि राजवीर कौन है वह लड़की भगाकर आया है... कहते थे।
जब कोई बाहर निकलता था तो उस पर तमंचा लगा देते थे। कोई आवाज न करे इसके लिए बंधकों को बाहर उनके 10-12 और आदमी है यह कहकर डरा देते थे। जाते समय दो लोग बाहर खड़े है कहकर दूसरे घर में घुस जाते थे। दूसरे घर में भी राजवीर का पता करते हुए डकैती डाल देते थे।
यदि किसी घर में ताला लगा देखते थे तो ताले को कोड वर्ड में फूल हल्का है या भारी है कहते थे। फूल हल्का है कहने का मतलब ताला टूट जाएगा। जबकि भारी है कहने पर नहीं टूटेगा। यदि हल्का है कहते थे तो ताला तोड़ देते थे। सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए डकैतों ने कुंडा थाना क्षेत्र समेत ढेला पुल के पास भी डकैती की घटना को अंजाम दिया है। पुलिस डकैतों से जानकारी लेने में जुटी हुई है।