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केदारनाथ में बच्चे के बचने की रोंगटे खड़े करने वाली दास्तां

हरिद्वार/रतनमणी डोभाल Updated Sun, 23 Jun 2013 05:23 PM IST
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शायद मृत्युंजय इसे ही कहते हैं। तेरह वर्षीय बालक अतुल दीक्षित मौत को जीतकर आया है। केदारनाथ में जलप्रलय के वक्त मौजूद अतुल को ताकतवर लहरों ने एक बिल्डिंग की छत पर पटक दिया था। पूरा शरीर घावों से भरा पड़ा है।
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हरिद्वार के थानाराम आश्रम में अतुल ने उस दिन की रोंगटे खड़े करने वाली दास्तां बताई। थानाराम आश्रम में सभी की जुबां पर मौत के जबड़े से अपनी जिंदगी छीनकर आए बालक की ही चर्चा थी।

शनिवार की शाम सेना तथा हरियाणा के यात्रियों की मदद से थानाराम आश्रम भूपतवाला हरिद्वार पहुंचा अतुल बताता है कि रविवार 16 जून समय लगभग सुबह आठ बजे हम लोग सात छात्र तथा गुरुजी घारीवाल कोठी में थे तभी पानी आने का हल्ला हुआ।
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हम बाहर आकर दूसरी बिल्डिंग में गए। एक-एक करके वहां नाव की तरह भवन बह रहे थे। पानी की लहरों ने मुझे एक बिल्डिंग की छत पटक दिया था। मैं बुरी तरह से घायल हो गया। इस बीच एक साधु उठाकर मुझे नीचे एक गेस्ट हाउस में ले गए। चार घंटे तक वहां रहा उसके बाद वापस ऊपर चढ़कर केदारनाथ मंदिर के अंदर घुस गया।

सेना के हेलीकाप्टर ने फाटा उतारा
रविवार का पूरा दिन और पूरी रात मंदिर के अंदर ठंड में ठिठुरते हुए काटी। सोमवार की सुबह मैं अकेला पैदल पहाड़ी-पहाड़ी से चलकर गरुण चट्टी पहुंचा। वहां भोपाल के 9 यात्री मिले और तीन दिन उनके साथ ही गरुण चट्टी आश्रम में रहा। आश्रम में खाना भी मिला। शुक्रवार को सेना के हेलीकाप्टर ने फाटा उतारा। फिर सेना ने एक गाड़ी में बैठाकर गुप्तकाशी भेजा। एक दिन तथा रात राजकीय इंटर कालेज गुप्तकाशी में आर्मी के साथ बिताई। आर्मी ने खाना पानी सब कुछ दिया।

गुप्तकाशी में ब्राह्मणवा जिन्द हरियाणा के ओमप्रकाश पत्नी तथा दो बच्चों के फंसे हुए थे। वह केदारनाथ नहीं जा सके तथा वापस लौट आए हैं। सेना ने ओमप्रकाश को अतुल को अपने वाहन से बैठाकर ले जाने को कहा। ओमप्रकाश उसे हरिद्वार ले आए।

जोशीमठ से सात जून को केदारनाथ पहुंचे थे बच्चे
छह-छह माह की वेदपाठी कर्मकांड की शिक्षा तथा ज्योर्तिलिंग के समक्ष उपासना कर रहे 13 वर्षीय अतुल दीक्षित ने बताया कि ओंकारेश्वर, महाकालेश्वर के बाद वह छह माह जोशीमठ में रहा। सात जून को ही वह केदारनाथ में महर्षि महेश योगी आश्रम में कर्मकांड की शिक्षा ग्रहण करने पहुंचा था। जोशीमठ के प्रभारी राजीव श्रीवास्तव ने उन्हें गुरुजी अरविंद श्रीवास्तव के साथ केदारनाथ भेजा था।

अतुल के गुरु और छह छात्रों का पता नहीं
अतुल ने बताया कि उनसे किसी तरह संभलकर एक दिन और रात केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह के अंदर बिताई। आपबीती बयां करते हुए उसने बताया कि उसके गुरुजी 45 वर्षीय अरविंद श्रीवास्तव (कानपुर) उसके सहपाठी कर्मकांड विद्या के छात्र सुशील चंदपुरिया, गिरीश चंद्र त्रिपाठी, सोमदत्त त्रिपाठी सभी पन्ना, रीवा, सतना मध्य प्रदेश तथा गोविंद बैरागी व मनोज शर्मा उज्जैन निवासी पानी की तेज धारा में बह गए थे। जिनका कुछ पता नहीं है।

अतुल का पूरा पता
मोहल्ला टूर्रा मुहार, थाना पनवाड़ी, जिला मोहवा, झांसी उत्तर प्रदेश निवासी 13 वर्षीय कर्मकांड विद्या में अध्ययनरत छात्र अतुल दीक्षित पुत्र राकेश कुमार दीक्षित।
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