जलागम क्षेत्र में बारिश का सिलसिला थमने से भागीरथी नदी में गाद की मात्रा कम होने पर मनेरी भाली प्रथम एवं द्वितीय चरण परियोजना में विद्युत उत्पादन बहाल हो गया है। सोमवार से दोनों परियोजनाओं से करीब 390 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू हो गया है।
बता दें कि बीते दिनों भागीरथी के जलागम क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के चलते नदी में गाद की मात्रा बढ़ गई थी। नदी की सिल्ट में आने वाले सख्त रेत कणों से टरबाइनों और जलमग्न कलपुर्जे क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है।
इसके चलते जल विद्युत निगम प्रबंधन ने 13 जुलाई रात नौ बजे 90 मेगावाट की मनेरी भाली प्रथम चरण और इसके चौबीस घंटे बाद 304 मेगावाट की मनेरी भाली स्टेज टू परियोजना में विद्युत उत्पादन बंद कर दिया था। रविवार से बारिश का सिलसिला थमने पर भागीरथी में गाद का लेबल कम हो गया है।
सोमवार दोपहर 12 बजे मनेरी भाली प्रथम चरण परियोजना में विद्युत उत्पादन बहाल कर लिया गया। शाम से परियोजना क्षमता के अनुरूप 90 मेगावाट बिजली पैदा कर रही है। मनेरी भाली स्टेज टू में भी सोमवार सुबह साढ़े सात बजे एक टरबाइन से विद्युत उत्पादन शुरू किया गया और दोपहर बाद चारों टरबाइनों से 298 मेगावाट विद्युत उत्पादन लिया जा रहा है।
तिलोथ विद्युत गृह के ईई अंबरीश यादव एवं धरासू विद्युत गृह के ईई राजेश चौकसे ने बताया कि बीते सालों की बाढ़ में जमा मलबे के कारण बरसात होने पर भागीरथी के पानी में ज्यादा सिल्ट आ रही है। इससे परियोजनाओं में 4-5 दिन विद्युत उत्पादन बंद रखना पड़ा। अब बरसात थमने से गाद की मात्रा कम हो गई है, जिससे दोनों परियोजनाओं से क्षमता के अनुरूप विद्युत उत्पादन लिया जा रहा है।