अमेरिका में हर पांच में से एक बच्चे की मौत शोषण या उपेक्षा की वजह से होती है। ताज़ा सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2009 में क़रीब 1770 बच्चे कुपोषण की वजह से मारे गए थे।
अमेरिकी कांग्रेस की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि दरअसल यह संख्या ढाई हज़ार तक हो सकती है। दरअसल औद्योगिक जगत में अमेरिका में बाल शोषण दर सबसे अधिक है।
2009 में ऐमा थॉम्पसन सिर्फ़ चार साल की थी जब उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। उसकी पसलियां टूट गई थीं, होंठ लहूलुहान थे, शरीर चोटों के निशानों से भरा था और खोपड़ी चटकी हुई थी। हत्या से पहले उससे बलात्कार किया गया था।
ऐमा की मां और उसके साथी को शोषण के लिए जेल भेज दिया गया था लेकिन ऐमा के पिता बेन को लगता है कि समाज में किसी ने भी उनकी बेटी की परवाह नहीं की।
ऐमा थॉम्पसन की तरह सैकड़ों बच्चे बाल सुरक्षा प्रणाली की ख़ामियों के शिकार हो जाते हैं।
इस रिपोर्ट के मुताबिक़ औद्योगिक जगत में शारीरिक शोषण और उपेक्षा के चलते 15 साल से कम उम्र के 65 बच्चों की मौत हर हफ़्ते होती है। इनमें से 27 की मौत अमेरिका में होती है-जो किसी भी देश के लिहाज़ से सबसे ज़्यादा है।
बच्चों का उत्पीड़न
यूनिसेफ़ के 2001 में हुए शोध में अमेरिका को दुर्व्यवहार के चलते होने वाली मौतों के लिहाज़ से मैक्सिको के साथ रखा गया है।
अमेरिका में चार साल की लड़की एमा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।
टेक्सस उन अमेरिकी राज्यों में है, जहां क्लिक करें बाल शोषण का रिकॉर्ड सबसे ज़्यादा ख़राब है। डैलस के बाल चिकित्सा केंद्र में शोषण के शिकार बच्चों की संख्या और हिंसा के स्तर में वृद्धि देखी जा रही है।
इस दौरान, ह्यूस्टन केंद्र में बाल यौन शोषण के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
बच्चों की स्थिति के लिए कुछ लोग काम के बोझ से दबे जांचकर्ताओं और नाक़ाबिल प्रबंधन पर आरोप मढ़ते हैं तो कुछ कहते हैं कि परिवारों को साथ रखने का सरकारी अभियान इसकी जड़ है।
टेक्सस के बाल सुरक्षा अधिकारी कहते हैं कि ये मामले काफ़ी जटिल होते हैं। ख़ासतौर पर तब जब बच्चे के अभिभावक यह छिपाते हैं कि दरअसल क्या हो रहा है।
अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन में राजनेता अब इस समस्या को पहचान रहे हैं और कुछ इसे 'राष्ट्रीय संकट' क़रार दे रहे हैं।
कांग्रेस में जुलाई में हुई एक सुनवाई में इस क्षेत्र के विशेषज्ञों ने बताया था कि बाल शोषण से होने वाली मौतें रोकने के लिए क्या किया जाना चाहिए।
कई लोग मानते हैं कि नई रणनीति में मुख्यतः यही होना चाहिए कि पेशेवर स्वास्थ्यकर्मी नए बने मां-बाप के पास जाकर उन्हें पारिवारिक ज़िंदगी की दिक़्क़तों के बारे में बताएं।
'हिंसा का चक्र तोड़ें'
बाल शोषण से पीड़ित के परिवार को तो तकलीफ़ होती ही है, इसका बुरा असर रिश्तेदारों और दोस्तों तक महसूस किया जाता है।
बाल सुरक्षा को लेकर काम कर रही टेक्सस एसोसिएशन का कहना है कि शोषण के शिकार बच्चों के अपराध करने की आशंका 74 गुना ज़्यादा होती है और उनके अपने बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने की आशंका भी छह फ़ीसदी ज़्यादा होती है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि इसी वजह से अमेरिकी सरकार और समाज के हित में है कि वो बच्चों को शोषण से बचाएं।
उनका कहना है, ''हर व्यक्ति की यह ज़िम्मेदारी है कि वह हिंसा के इस चक्र को तोड़ने में मदद करे।''