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मनमोहन कब लेंगे ओबामा की तरह छुट्टी?

बीबीसी Updated Mon, 12 Aug 2013 11:00 AM IST
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बराक ओबामा छुट्टी पर हैं। साल की तीसरी छुट्टी है। बनती भी है, आखिर हम और आप दो घंटे गाड़ी चलाएं तो थकान हो जाती है। ओबामा तो दुनिया चलाते हैं।
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कभी रूस का सिरदर्द तो कभी चीन की चिकचिक, कभी वॉल स्ट्रीट के नखरे तो कभी अल क़ायदा के ख़तरे और रही सही कसर मीडिया वाले पूरी कर देते हैं।

पांच सालों में ही बालों में सफ़ेदी आने लगी है। मिशेल ओबामा जन्मदिन की मुबारकबाद देती हैं ट्विटर के ज़रिए, संदेश में पति के लिए मोहब्बत का इज़हार तो करती है लेकिन साथ साथ ये भी कह देती हैं आपके बाल सफेद होने लगे हैं।

अब हालात ऐसे हों तो पत्नी को खुश करने के लिए ही सही छुट्टी पर तो जाना पड़ता है। कुछ ही दिनों में तस्वीरें आएंगी मिशेल के साथ हाथों में हाथ डाले मुस्कराते हुए ओबामा, बच्चों के साथ आईसक्रीम खाते हुए ओबामा, पेड़ की छांव में आरामकुर्सी पर सुस्ताते हुए ओबामा।
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मंहगी छुट्टी
जलनेवाले ज़रूर कह रहे हैं कि एक तरफ़ डेट्रॉइट कंगाली से जूझ रहा है, सरकारी दफ़्तरों में खर्च कम करने के लिए एक दो दिन ताले लगा दिए जाते हैं, और फ़र्स्ट फ़ैमिली ऐश कर रही है। कुछ दिनों में ओबामा की छुट्टी पर करदाताओं का कितना पैसा खर्च हुआ उसकी रिपोर्ट भी आ जाएगी। तीन चार करोड़ डॉलर का बिल तो आ ही जाता है।

लेकिन जब राष्ट्रपति चलते हैं तो सीक्रेट सर्विस भी साथ होती है, यात्रा के लिए एयरफ़ोर्स वन विमान ही इस्तेमाल होता है, एक दो ऐंबुलेंस, आठ-दस लिमोज़िन और इसके अलावा फिर रहने खाने का खर्च अलग।

अब हम और आप बच्चों को आईसक्रीम खिलाएं तो मोहल्ले के कोने में खड़े आईसक्रीम के ठेले तक की सैर कर लें। साशा और मालिया, जब आईसक्रीम की ज़िद करेंगी तो ज़ाहिर है साथ में पूरा सुरक्षा तंत्र भी चलेगा और ऊंगली उठाने वाले उसका बिल भी आईसक्रीम में जोड़ देंगे।

अब ये तो नाइंसाफ़ी है। दरअसल अभी रिपबल्किन पार्टी वाले ऊंगली उठा रहे हैं लेकिन जब राष्ट्रपति बुश सत्ता में थे तो डेमोक्रैट्स भी यही करते थे। वैसे राष्ट्रपति बुश का नाम सबसे ज़्यादा छुट्टी पर रहनेवाले राष्ट्रपतियों में नंबर एक पर है।

मनमोहन सिंह एकदम उलट
लेकिन भारत के मनमोहन सिंह जी इन सब पचड़ों में पड़ते ही नहीं हैं। दो साल पहले कैरावन पत्रिका ने एक रिपोर्ट छापी थी जिसमें पता चला कि सत्ता संभालने के बाद से प्रधानमंत्री ने एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली है। उनकी बेटी की मानें तो पिछले चालीस सालों में मनमोहन सिंह जी बस एक बार परिवार को छुट्टी पर ले गए और वो भी नैनीताल।

उनके मीडिया सलाहकार संजय बारू ने किसी अख़बार को बताया था कि एक बार गोवा में एक सरकारी कार्यक्रम शनिवार की शाम ख़त्म हुआ तो उन्होंने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया कि रात वहीं बिता लेते हैं और रविवार की सुबह समुद्रतट पर बिताकर शाम को दिल्ली के लिए चल देंगे।

प्रधानमंत्री का जवाब था, "लेकिन करेंगे क्या?"

बारू का कहना था, "मनमोहन सिंह ही ये सवाल कर सकते थे कि गोवा में करेंगे क्या?"

और इसके बावजूद भी मीडिया को शिकायत है मनमोहन कुछ नही कर रहे। प्रधानमंत्रीजी जब इस बार सितंबर में अमरीका आएं तो उन्हें ओबामा के साथ थोड़ा ज़्यादा वक्त गुज़ारना चाहिए। थोड़ी शॉंपिंग, थोड़ा गॉल्फ़ और फिर थोड़ा सैर-सपाटा।

अब ओबामा छुट्टी पर हैं तो अमरीका जैसे पहले चल रहा था वैसे ही चल रहा है। मनमोहन छुट्टी लेंगे तो भारत भी चल लेगा। और छुट्टी की कुछ तस्वीरें आ जाएंगी तो मीडिया का भी कुछ भला हो जाएगा।
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