वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला,स्टॉकहोम
Published by: संदीप भट्ट
Updated Tue, 10 Dec 2019 07:39 PM IST
दुनिया भर के देशों में हथियारों की बिक्री में बढ़त पाई गई है। 2018 में विश्व की 100 सबसे बड़ी हथियार बनाने वाली कंपनियों ने कुल 420 अरब डॉलर का हथियार बेचा है। लेकिन भारत में इस बिक्री में गिरावट देखी गई है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की रिपोर्ट के अनुसार, हथियार बेचने के मामले अमेरिका अभी भी आगे है और उसने कुल उत्पादन का 59 फीसदी (करीब 246 अरब डॉलर) का हथियार बेचा है। बात यदि भारत की करें तो सार्वजनिक क्षेत्र की तीन शीर्ष रक्षा कंपनियों की सामूहिक बिक्री 2018 में 6.9 प्रतिशत घटकर 5.9 अरब अमेरिकी डॉलर रह गई। हालांकि इस दौरान वैश्विक स्तर पर हथियारों की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। भारत की रक्षा क्षेत्र की तीनों कंपनियां दुनिया की शीर्ष 100 हथियार आपूर्तिकर्ताओं में आती हैं।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक, भारत 2014-18 में प्रमुख हथियारों का दूसरा सबसे बड़ा आयातक था और वैश्विक स्तर पर यह 9.5 प्रतिशत है।
भारतीय कंपनियों का योगदान सबसे कम
शीर्ष 100 में शामिल तीन भारतीय हथियार कंपनियों की संयुक्त हथियार बिक्री 2018 में 5.9 अरब थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 से 6.9 प्रतिशत की कमी आई है। यह कमी मुख्य रूप से भारतीय आयुध निर्माण की हथियारों की बिक्री में 27 प्रतिशत की गिरावट के कारण आई है। एसआईपीआरआई की शीर्ष 100 वैश्विक हथियार फर्मों की सूची में तीन भारतीय कंपनियां हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) 38वें स्थान पर है, भारतीय आयुध कारखानों 56वें स्थान पर और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड 62वें स्थान पर है। शीर्ष 100 कंपनियों की हथियारों की बिक्री का 1.4 प्रतिशत में इन कंपनियों की हिस्सेदारी है।
2018 में 100 शीर्ष हथियार निर्माताओं में शामिल कंपनियां
2018 में 100 शीर्ष हथियार निर्माताओं में से अमेरिका, यूरोप और रूस की आठ कंपनियां शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि शेष 20 में से जापान की छह, इस्राइल, भारत और दक्षिण कोरिया की तीन। तुर्की की दो और ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और सिंगापुर की एक-एक कंपनियां शामिल हैं। एसआईपीआरआई के आर्म्स इंडस्ट्री डेटाबेस के नए आंकड़े से पता चलता है कि 2002 के बाद से शीर्ष 100 में सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा हथियारों और सैन्य सेवाओं बिक्री में 47 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।