एक ओर उत्तर कोरिया दक्षिण कोरिया के साथ शांति और मित्रता की बात कर रहा है तो दूसरी तरफ उसने मिसाइल परीक्षण शांति की बातों पर आशंकित करते है। मंगलवार को उत्तर कोरिया ने हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया है। इससे ठीक एक दिन पहले उसने दक्षिण कोरिया से बातचीत की इच्छा जताई थी ।
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने खुलासा किया है कि उसने जिस मिसाइल का परीक्षण किया है वह एक हाइपरसोनिक मिसाइल है। उसने इसे रणनीतिक हथियार बताया है। ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है। इस नए मिसाइल का नाम हॉनसॉग-8 बताया जा रहा है और यह उत्तर कोरिया के सबसे घातक 5 मिसाइलों में से एक है।
क्या होते हैं हाईपरसोनिक मिसाइल
हाईपरसोनिक मिसाइल वर्तमान में सबसे उन्नत किस्म की मिसाइल तकनीक है। यह ध्वनि की गति से कई गुणा ज्यादा तेज उड़ान की क्षमता रखती है और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के भी पकड़ में नहीं आती। यह तकनीक आज के वक्त अमेरिका, रूस, चीन और भारत के पास है।
मिसाइल कार्यक्रमों में तेजी
उत्तर कोरिया पर कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने प्रतिबंध लगा रखे हैं इसके बावजूद भी किम जोंग उन के शासन में लगातार मिसाइलों का परीक्षण जारीहै। एक महीने के अंदर ही उत्तर कोरिया ने 3 मिसाइलों का परीक्षण किया है। इससे पहले की दो मिसाइलें क्रूज़ और बैलिस्टिक क्षमता से लैस थी । इस साल के शुरुआत में जनवरी में ही सेना की बैठक के दौरान उत्तर कोरिया के शासक किम ने कहा था कि देश ने हाइपरसोनिक तकनीक को विकसित कर लिया है ।
अमेरिका ने क्या कहा
कोरिया के इस मिसाइल परीक्षण पर अमेरिका ने भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस परीक्षण के बारे में उन्हें जानकारी हैं और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए वह प्रतिबद्ध हैं। लेकिन फिलहाल इस परीक्षण से अमेरिका को कोई खतरा भी नही हैं ।
उत्तर कोरिया के पास हैं 40 से 50 परमाणु बम
कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अनुसार उत्तर कोरिया के पास 40 से 50 परमाणु बमों का भंडार है। कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बाद भी उसने परमाणु तकनीक में विकास हासिल किया है। किम के शासन में इन दिनों उत्तर कोरिया के द्वारा लंबी दूरी तक मार करने और परमाणु हथियार ले जाने वाली मिसाइलों के परीक्षण पर जोर दिया जा रहा है।
यूएन भी जता चुका चिंता
एक हफ्ते पहले ही उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण पर चिंता जताते हुए यूएन ने एक आपात बैठक बुलाई थी। इसमें उत्तर कोरिया को मिसाइल परीक्षण रोकने की भी चेतावनी दी गई थी। यूएन और कई विभिन्न संगठनों ने पहले से ही उत्तर कोरिया पर अनेकों प्रतिबंध लगा रखे हैं।