अमेरिका के सामने सबसे बड़ी फजीहत यह थी कि उसने ट्रेड वॉर पर तीन मोर्चे खोल दिए थे। पहला मोर्चा चीन के साथ खोला गया जिस पर अभी भी जंग जारी है। दूसरा मोर्चा यूरोप और जापान से स्टील, एल्युमीनियम पर टैरिफ बढ़ाकर खोला गया। यहां से कारों व उनके कलपुर्जों पर भी मोर्चा खोला जाना था।
जबकि तीसरा मोर्चा मेक्सिको व कनाडा के साथ खोला गया जिसमें तीनों देशों के बीच उत्तर-अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौता खटाई में पड़ गया। इनमें से ट्रंप ने दो मोर्चों पर ट्रेड वॉर खत्म करने की पहल कर यह संदेश दिया है कि वे चीन के साथ अब ट्रेड वॉर पर पूरा ध्यान केंद्रित करने वाले हैं।