Bihar: सिपाही भर्ती घोटाले में बड़ा खुलासा! नौकरी दिलाने के नाम पर चलता था करोड़ों का नेटवर्क; 15 गिरफ्तार
Munger: बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 2025 में हुए कथित फर्जीवाड़े की जांच में मुंगेर का नाम प्रमुखता से सामने आया है। पुलिस ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 15 लोगों को हिरासत में लिया है, जिन पर अभ्यर्थियों को भर्ती गिरोह से जोड़ने और पैसे वसूलने का आरोप है।
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बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 2025 में हुए फर्जीवाड़े की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। मुंगेर से जुड़े तार ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से अब तक 15 लोगों की गिरफ्तारी होने के बाद पुलिस सभी को अपने साथ पटना ले गई है। दिलचस्प बात यह है कि गिरफ्तार लोगों में कोई भी अभ्यर्थी नहीं है। कई लोग नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों को नेटवर्क से जोड़ने और मोटी रकम वसूलने का काम करते थे। जांच में सामने आया है कि ये लोग गिरोह के लिए पेडलर की भूमिका में काम करते थे। उनकी भूमिका सिपाही बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं को गिरोह के सरगना और उसके नेटवर्क तक पहुंचाने की थी। इसके बदले में लाखों रुपये भी वसूले जाते थे।
गिरफ्तार युवक का रिश्तेदार पुलिस विभाग में
जिले के सफियासराय थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर फरदा और बांक टोला फरदा गांव से तीन युवकों की गिरफ्तारी के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। गिरफ्तार छोटू कुमार और वरुण कुमार सगे भाई हैं, जबकि रंजन कुमार किसान परिवार से हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित का एक रिश्तेदार पुलिस विभाग में कार्यरत है। पुलिस इस कड़ी की भी जांच कर रही है कि कहीं भर्ती फर्जीवाड़ा नेटवर्क से उसका कोई संबंध तो नहीं है।
किसी ने भाई की जगह दी परीक्षा
जिले के हवेली खड़गपुर अनुमंडल क्षेत्र के शामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लक्ष्मीपुर के रोशन कुमार, लोहची के सत्यम कुमार तथा शिवपुर लोहची के गोपाल कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ग्रामीणों के अनुसार तीनों सामान्य परिवारों से आते हैं। शामपुर थानाध्यक्ष के अनुसार रोशन कुमार और गोपाल कुमार पर अपने भाई की जगह परीक्षा देने का आरोप है। वहीं, सत्यम कुमार और मृत्युंजय के पास दो अलग-अलग नामों के प्रमाण-पत्र होने की बात जांच में सामने आई है।
बरियारपुर से भी जुड़ा फर्जीवाड़े का तार
जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र से सिपाही भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में काजीचक गांव के राजा बाबू का नाम सामने आने के बाद ग्रामीणों में चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार उसके पिता रेलवे से सेवानिवृत्त हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं।
एसपी बोले- 107 संदिग्धों की सूची मिली
जानकारी देते हुए मुंगेर पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि पटना जिले में पिछले वर्ष सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर विभिन्न थानों में केस दर्ज किए गए थे। जिन लोगों पर केस दर्ज हुआ था, उनकी सूची मुंगेर पुलिस को प्राप्त हुई थी। उन्होंने बताया कि कुल 107 लोगों की सूची मिली थी। मुंगेर पुलिस और पटना पुलिस के संयुक्त अभियान में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
बेल पर बाहर आए लोगों पर भी पुलिस की नजर
एसपी ने बताया कि सूची में शामिल 10 से 12 लोगों ने व्यवहार न्यायालय से जमानत ले रखी है। उन लोगों की सूची भी पुलिस के पास उपलब्ध है। जिन-जिन लोगों का नाम सूची में शामिल है, उन सभी पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
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निष्पक्ष भर्ती परीक्षा कराना प्राथमिकता
एसपी सैयद इमरान मसूद ने कहा कि आगामी सिपाही भर्ती परीक्षाओं को स्वच्छ, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।