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Bihar: ताड़ी उतारने चढ़ा युवक मौत बनकर गिरा; गोपालगंज में ताड़ के पेड़ से गिरते ही मचा कोहराम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
Published by: सारण ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2026 03:50 PM IST
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सार
Bihar: गोपालगंज जिले के महम्मदपुर थाना क्षेत्र के कबीरपुर गांव में ताड़ के पेड़ से गिरकर 25 वर्षीय युवक सुशील कुमार मांझी की दर्दनाक मौत हो गई। ताड़ी उतारने के दौरान संतुलन बिगड़ने से वह ऊंचाई से कंक्रीट की जमीन पर गिर पड़े। गंभीर हालत में उन्हें सदर अस्पताल से गोरखपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है।
मृतक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के गोपालगंज जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां ताड़ के पेड़ से गिरने के कारण एक 25 वर्षीय युवक की असामयिक मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। यह दुखद घटना जिले के महम्मदपुर थाना क्षेत्र के कबीरपुर गांव की है। मृतक की पहचान कबीरपुर गांव निवासी बहारन मांझी के 25 वर्षीय पुत्र सुशील Kumar मांझी के रूप में की गई है।
संतुलन बिगड़ने से हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुशील कुमार मांझी रोजाना की तरह अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए ताड़ के पेड़ पर चढ़कर ताड़ी उतारने का काम कर रहे थे। वह पेड़ पर काफी ऊंचाई तक चढ़ चुके थे, तभी अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया। खुद को संभाल नहीं पाने के कारण वह सीधे नीचे कंक्रीट की जमीन पर आ गिरे।
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अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में तोड़ा दम
इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण सुशील गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के समय मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए घायल सुशील को इलाज के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसे तुरंत उत्तर प्रदेश के गोरखपुर रेफर कर दिया। परिजन एंबुलेंस से सुशील को लेकर गोरखपुर के लिए रवाना हुए, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। गोरखपुर पहुंचने से पहले ही रास्ते में सुशील की सांसें थम गईं और उन्होंने दम तोड़ दिया।
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सुरक्षा मानकों के अभाव पर उठे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ताड़ के पेड़ से ताड़ी उतारने का काम बेहद जोखिम भरा होता है। सुरक्षा के पर्याप्त उपकरण और पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण इस क्षेत्र में अक्सर ऐसे जानलेवा हादसे होते रहते हैं। सुशील की मौत की खबर जैसे ही कबीरपुर गांव पहुंची, मृतक के घर पर रोने-बिलखने की आवाजें गूंजने लगीं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस बीच कानूनी प्रक्रियाओं और पुलिस कार्रवाई से बचते हुए दुखी परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने का फैसला किया और बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को घर ले गए।