हिमाचल के 41 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता रद्द, ये रही वजह
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हिमाचल के निजी स्कूलों में जेबीटी टेट उत्तीर्ण शिक्षकों की नियुक्ति की शिक्षा विभाग की शर्त पूरा न करने पर जिला में 41 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द हो गई है। इनमें से सात निजी स्कूलों ने जेबीटी टेट की शर्त को पूरा करने में असमर्थता जाहिर कर स्कूलों को बंद करने की सूचना दे दी है।
इसके अलावा 34 स्कूलों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन ही नहीं किया है। शिक्षा विभाग ने 26 मार्च को पत्र जारी कर जिला के सभी निजी स्कूलों से शिक्षकों की योग्यता की रिपोर्ट भेजने व नवीनीकरण के निर्देश जारी किए थे। अधिकतर स्कूलों ने यह रिपोर्ट विभाग को नहीं सौंपी।
इस पर विभाग ने एक बार फिर 11 अप्रैल को स्कूलों को निर्देश जारी कर 20 अप्रैल से पहले रिपोर्ट उपनिदेशक कार्यालय में जमा करवाने के निर्देश जारी किए। जिला में वर्तमान में 350 स्कूल है। शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2016-17 के लिए नवीनीकरण करने के लिए शिक्षकों की योग्यता की रिपोर्ट स्कूलों से तलब की थी।
विभाग ने निर्देश जारी कर स्कूलों को स्पष्ट रूप से शिक्षकों की योग्यता का ब्योरा नहीं मिलने पर नवीनीकरण को रद्द करने की चेतावनी जारी कर दी थी। इस पर जिला के 300 से अधिक स्कूलों ने दूसरी चेतावनी पर उपनिदेशक कार्यालय में शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता की रिपोर्ट जमा करवा दी। इससे इन स्कूलों की रिपोर्ट की जांच 20 अप्रैल से शुरू हो गई।
कहां से लाएं जेबीटी टेट उर्तीण शिक्षक: केपी शर्मा
हिमाचल प्रदेश निजी स्कूल संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष केपी शर्मा ने कहा कि विभागीय फरमानों से निजी स्कूल संगठनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 8000 हजार जेबीटी टेट पास शिक्षकों की जरूरत है, लेकिन प्रदेश में जेबीटी के दो ही बैच है।
मसलन 4000 हजार के लगभग जेबीटी की प्रदेश में मौजूद हैं। इनमें से भी महज 1000 जेबीटी टेट उत्तीर्ण है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि भविष्य में जब सरकारी स्कूलों में जेबीटी टेट के पदों की भर्ती की जाएगी तब 4000 जेबीटी टेट उत्तीर्ण भी सरकारी स्कूलों का रूख करेंगे। ऐसे में निजी स्कूल संचालक सड़कों पर आ जाएंगे। उन्होंने विभाग से फरमानों को वापस लेने की मांग की है।
41 स्कूलों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है। इस कारण उनकी मान्यता रद्द कर दी गई है। सात स्कूलों ने लिखित रूप से स्कूलों को बंद करने की सूचना दी है। जिन स्कूलों की रिपोर्टस आई है। उनकी जांच की जा रही है।.....केडी शर्मा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा