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वेलेंटाइन डे मना रहे थे लोग और मौत से जूझ रहा था नौजवान, लेकिन उसने बचाई चार की जान

अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 18 Feb 2020 11:46 AM IST
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27 Year Old Boy Sukhwinder Organs Saved Life of Four People, Organ Donation
अंगदान करने वाला युवक - फोटो : अमर उजाला
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14 फरवरी को जब दुनिया भर के लोग वेलेंटाइन डे मना रहे थे, एक नौजवान मौत से जूझ रहा था, लेकिन जाते-जाते वह चार लोगों की जान बचा गया। संगरूर निवासी 27 वर्षीय सुखविंदर ने दुनिया को अलविदा कहकर भी हमें मानवता का एक ऐसा पाठ पढ़ाया, जिसे जिंदगी भर भुलाया नहीं जा सकता।


पीजीआई में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा सुखविंदर वेलेंटाइन डे के दिन जिंदगी की जंग तो हार गया लेकिन दुनिया छोड़ने के बावजूद उसने चार लोगों को नई जिंदगी देकर उनके जीवन में खुशियां भर दीं। सुखविंदर के परिजनों ने अपने दु:ख को दरकिनार कर दूसरों की खुशियों के बारे में सबसे पहले सोचा और अंगदान का निर्णय लिया।
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इसके बाद सुखविंदर की दोनों किडनी दो मरीजों को जबकि दोनों रेटिना दो दृष्टिहीनों में ट्रांसप्लांट की गई। जिला संगरूर (जिला) के तहसील सुनाम का रहने वाला सुखविंदर एक निजी कंपनी में इंजीनियर था। घर लौटते वक्त उसकी बाइक की किसी वाहन से टक्कर हो गई, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं।
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परिजनों ने उसे खार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से 10 फरवरी को सुखविंदर को पीजीआई रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने सुखविंदर को 14 फरवरी को ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

14 फरवरी को किडनी डे भी था

रोटो के नोडल अधिकारी डॉ. विपिन कौशल का कहना है कि अगर सुखविंदर के परिजनों की ही तरह अन्य लोगों में जागरूकता आ जाए तो अंगदान के  लिए वेटिंग लिस्ट में लगे मरीजों को जीवनदान के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। पीजीआई को सुखविंदर के परिजनों पर गर्व है।

किडनी डे (14 फरवरी) पर सुखविंदर से मिली दोनों किडनी को अंगदान की वेटिंग लिस्ट में शामिल दो मरीजों को ट्रांसप्लांट कर दिया गया। उन्हें किडनी डे के दिन सुखविंदर के जरिए उनके जीवन का सबसे मूल्यवान उपहार मिला। सुखविंदर के पिता गुरपाल सिंह ने बेटे की मृत्यु को अपने लिए एक अपूरणीय क्षति बताया।

हालांकि उनका कहना है कि उनके बेटे ने दुनिया से जाकर भी उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। अंगदान से प्रभावित सुखविंदर का परिवार चाहता है कि 23 फरवरी को उसके गांव में आयोजित सुखविंदर के भोग पर पीजीआई की ओर से अंगदान जागरूकता का शिविर लगाकर गांववालों को इस बारे में जागरूक किया जाए।
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