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प्लॉटों की अवैध बिक्री: इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन समेत पांच के खिलाफ मुकदमा, एक गिरफ्तार

अमर उजाला/संवाद, चंडीगढ़/लुधियाना Published by: ajay kumar Updated Thu, 28 Jul 2022 08:58 PM IST
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सार

प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान यह पाया गया है कि कुछ अलॉटियों की मौत हो गई थी और उनके प्लॉट भी कुछ अनाधिकृत व्यक्तियों को अलॉट किए गए और निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर मोटी रिश्वतें लेने के सबूत मिले हैं।

Case against five including chairman of Improvement Trust in illegal sale of plots in Punjab
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

प्लॉटों की अवैध बिक्री के मामले में लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (एलआईटी) के चेयरमैन सहित पांच के खिलाफ पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मुकदमा दर्ज किया है। विजिलेंस ने चेयरमैन के पीए संदीप शर्मा को गुरुवार को इस मामले में गिरफ्तार भी कर लिया है। इससे पहले 14 जुलाई को एलआईटी के दो अधिकारियों की पहले ही विजिलेंस गिरफ्तारी कर चुकी है।

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विजिलेंस ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले में एलआईटी के पूर्व चेयरमैन रमन बालासुब्रमण्यम समेत कार्यकारी अधिकारी कुलजीत कौर, एसडीओ अंकित नारंग, सेल्स क्लर्क प्रवीन कुमार, क्लर्क गगनदीप और चेयरमैन के पीए संदीप शर्मा के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। 
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केस की गहराई से जांच के दौरान यह बात सामने आई कि एलआईटी के अधिकारियों ने भ्रष्ट रवैया अपनाते हुए मोहाली में प्लॉट नंबर 9-बी, ऋषि नगर में 102, 103, 104, 105, 106-डी और सराभा नगर में 366-बी और 140 नंबर प्लॉट अवैध और भ्रष्ट तरीकों से आवंटित किए, जोकि स्थानीय विस्थापित व्यक्तियों (एलडीपी) और ट्रस्ट की अन्य योजनाओं के अंतर्गत आते थे लेकिन अनाधिकृत व्यक्तियों को मोटी रिश्वत लेकर बेच दिए गए।

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इससे पहले विजिलेंस ब्यूरो एलआईटी के जूनियर सहायक हरमीत सिंह और कार्यकारी अधिकारी कुलजीत कौर को रिश्वतखोरी के एक मामले में 10000 रुपये की रिश्वत लेते 14 जुलाई को रंगे हाथों काबू किया था। इस संबंध में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हो चुका है।

दूसरों को आवंटित कर दिए मृतकों के प्लॉट
प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान यह पाया गया है कि कुछ अलॉटियों की मौत हो गई थी और उनके प्लॉट भी कुछ अनाधिकृत व्यक्तियों को अलॉट किए गए और निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर मोटी रिश्वतें लेने के सबूत मिले हैं। इस संबंध में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जांच जारी है।

पूर्व मंत्री आशु की बढ़ेंगी मुश्किलें
पूर्व चेयरमैन के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। एलआईटी द्वारा आवंटित किए गए प्लॉट लेने वाले पूर्व मंत्री के करीबी बताए जा रहे हैं। विजिलेंस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।

दफ्तर पहुंच खंगाली फाइलें
एलआईटी के पूर्व चेयरमैन समेत अन्य मुलाजिमों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद विजिलेंस की टीम के वरिष्ठ अधिकारी नगर सुधार ट्रस्ट के दफ्तर में पहुंचे। इस दौरान किसी को भी अंदर जाने और बाहर आने की इजाजत नहीं दी गई। सूत्र बताते है कि विजिलेंस की टीम ने नगर सुधार ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन के केबिन की भी तलाशी ली और वहां पड़े कागजात की जांच की। इसके अलावा जो लोग शामिल हैं उनकी सीटों पर भी जांच की गई। कुछ फाइलें भी कब्जे में लीं।

पूर्व चेयरमैन फरार, तलाश जारी
मामला दर्ज होने के बाद विजिलेंस की टीम पूर्व चेयरमैन के सराभा नगर स्थित घर पर भी पहुंची। जहां से आरोपी पूर्व चेयरमैन पहले ही फरार हो चुके थे। बताया जा रहा है कि पूर्व चेयरमैन रमन बालासुब्रमण्यम को पहले ही आशंका थी कि मामला दर्ज होगा और वह पहले से ही घर छोड़ कर किसी अज्ञात स्थान पर छिपा हुआ है। विजिलेंस की टीमें आरोपी रमन बालासुब्रमण्यम की तलाश में जुटी हैं।

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