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बड़ी राहत: हरियाणा में छोटे उद्योगों को मिलेगी सस्ती बिजली, प्रति यूनिट दो रुपये सरकार देगी सब्सिडी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 29 Jul 2021 11:33 PM IST
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सार

हरियाणा के छोटे उद्योगों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार अब इन उद्योगों को सस्ती बिजली मुहैया कराएगी। योजना के तहत छोटे उद्योगों को दो रुपये प्रति यूनिट सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी और यह योजना जनवरी 2021 से प्रभावी मानी जाएगी। खास बात यह है कि इसका लाभ उठाने के लिए किसी प्रकार का आवेदन नहीं करना होगा। 

Haryana government will provide subsidy of Rs 2 per unit to small industries
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

हरियाणा के सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को प्रदेश सरकार अब सस्ती बिजली देगी। हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 के तहत ‘पावर टैरिफ सब्सिडी’ योजना अधिसूचित की है। इसके तहत उद्योगों को प्रति यूनिट दो रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अनुसार यह योजना पहली जनवरी, 2021 से प्रभावी मानी जाएगी और सरकार द्वारा इसे अधिक्रमित करने तक प्रचालन में रहेगी। 



राज्य के ‘डी’ श्रेणी खंडों में 40 किलोवाट और ‘सी’ श्रेणी खंडों में 30 किलोवाट या उससे कम के कनेक्टेड लोड वाले सभी मौजूदा और नए सूक्ष्म एवं लघु औद्योगिक उद्यमों को बिजली टैरिफ सब्सिडी का लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, उद्यम इस लाभ के लिए तब तक पात्र होंगे जब तक यह उत्पादन में रहेंगे।
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आवेदन की आवश्यकता नहीं
उद्यमों को यह लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन बिजली बिलों में सब्सिडी राशि काटकर यह लाभ प्रदान करेंगे। यूएचबीवीएन/ डीएचबीवीएन को निधियों की मंजूरी के लिए निदेशक/महानिदेशक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सक्षम प्राधिकारी होंगे। यूएचबीवीएन/डीएचबीवीएन द्वारा दी गई बिजली टैरिफ सब्सिडी की राशि की सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग द्वारा अपने आवंटित बजट से प्रतिपूर्ति की जाएगी।
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दावा गलत तो कानूनी कार्रवाई होगी
यदि किसी भी स्तर पर यह पाया जाता है कि आवेदक ने गलत तथ्यों के आधार पर सहायता का दावा किया है तो आवेदक को 12 प्रतिशत प्रति वर्ष के चक्रवृद्धि ब्याज दर के साथ राशि लौटानी होगी और उसके विरुद्घ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। उसे राज्य सरकार से किसी भी प्रोत्साहन/सहायतानुदान से वंचित कर दिया जाएगा। यदि आवेदक अनुदान की राशि ब्याज सहित वापस करने में विफल रहता है तो राशि भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल की जाएगी।

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