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25 प्रतिशत गैस की सेविंग करेगा यह इक्विपमेंट
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 14 Dec 2013 12:54 PM IST
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सिलेंडर पर गैस सेविंग इक्विपमेंट लगाकर 25 प्रतिशत तक गैस की बचत की जा सकती है। सेक्टर-28 के हिमाचल भवन में एग्री एंड हॉर्टी एग्जीबिशन एंड फूड एंड हेल्थ एग्जीबिशन में ब्रांडमास्टर नामक एक कंपनी ने यह दावा किया।
कंपनी के अनुसार सिलेंडर में यह यंत्र लगाने से गैस के गैरजरूरी कण रुक जाते हैं और केवल जरूरी कण ही यंत्र के माध्यम से बर्नर में पहुंचते हैं।
इससे लौ की क्षमता बढ़ती है और चीजें जल्द पकती हैं। कंपनी का दावा है कि जो खाना पहले दस मिनट में तैयार होता था, यंत्र लगाने के बाद वह छह से सात मिनट में तैयार हो जाएगा।
यंत्र में हाई क्वालिटी का साइंटिफिक मेग्नेट लगा है जो गैस के जरूरी कणों को एक पंक्ति में भेजता है। घरेलू गैस सिलेंडर के लिए इसकी कीमत तीन हजार और कॉमर्शियल सिलेंडर के लिए छह हजार रुपये रखी गई है।
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यह एग्जीबिशन रविवार तक हिमाचल में चलेगी। एग्जीबिशन में सस्ती तकनीक से त्वचा के रोग के लिए तेल बनाने से लेकर कम कॉलेस्ट्रोल वाली बर्फी और देसी घी बनाना, ताजे पनीर की शेल्फ लाइफ को कई महीनों से बढ़ाना, टाइप-2 डायबिटीज के लिए करेले से दवाई बनाना, नीम से बने कीटनाशक, बायो-फर्टिलाइजर और फंगीसाइड बनाने की तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
ये सभी तकनीक नेशनल रिसर्च डिवेलपमेंट कारपोरेशन ने पेश कीं। यह भारत सरकार की ऐसी संस्था है जो सरकारी लैब, यूनिवर्सिटी, रिसर्च इंस्टिट्यूट और व्यक्तियों द्वारा बनाई गई तकनीक को व्यवसायिक तौर पर इस्तेमाल किए जाने के लिए मुहैया करवाती है।
यह संस्था इनोवेशन (आविष्कार) करने वालों को अपने प्रोडक्ट के लिए मामूली फीस के बदले पेटेंट हासिल करने में भी मदद करती है।
सेंट्रल वेयरहाउसिंग कारपोरेशन ने कंट्रोल्ड टेंपरेचर स्टोरेज, कोल्ड स्टोरेज जैसी तकनीक का प्रदर्शन किया। मध्य प्रदेश की माइनर फोरेस्ट प्रोड्यूस प्रोसेसिंग एंड रिसर्च सेंटर ने आंवला जूस, च्यवनप्राश, हर्बल चाय, बेल चूरण, एंटी-हेयर फॉल ऑयल, त्रिफला चूर्ण, ब्राह्मी कैप्सूल तैयार करने की तकनीक का प्रदर्शन किया।
कंपनी के अनुसार सिलेंडर में यह यंत्र लगाने से गैस के गैरजरूरी कण रुक जाते हैं और केवल जरूरी कण ही यंत्र के माध्यम से बर्नर में पहुंचते हैं।
इससे लौ की क्षमता बढ़ती है और चीजें जल्द पकती हैं। कंपनी का दावा है कि जो खाना पहले दस मिनट में तैयार होता था, यंत्र लगाने के बाद वह छह से सात मिनट में तैयार हो जाएगा।
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यंत्र में हाई क्वालिटी का साइंटिफिक मेग्नेट लगा है जो गैस के जरूरी कणों को एक पंक्ति में भेजता है। घरेलू गैस सिलेंडर के लिए इसकी कीमत तीन हजार और कॉमर्शियल सिलेंडर के लिए छह हजार रुपये रखी गई है।
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यह एग्जीबिशन रविवार तक हिमाचल में चलेगी। एग्जीबिशन में सस्ती तकनीक से त्वचा के रोग के लिए तेल बनाने से लेकर कम कॉलेस्ट्रोल वाली बर्फी और देसी घी बनाना, ताजे पनीर की शेल्फ लाइफ को कई महीनों से बढ़ाना, टाइप-2 डायबिटीज के लिए करेले से दवाई बनाना, नीम से बने कीटनाशक, बायो-फर्टिलाइजर और फंगीसाइड बनाने की तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
ये सभी तकनीक नेशनल रिसर्च डिवेलपमेंट कारपोरेशन ने पेश कीं। यह भारत सरकार की ऐसी संस्था है जो सरकारी लैब, यूनिवर्सिटी, रिसर्च इंस्टिट्यूट और व्यक्तियों द्वारा बनाई गई तकनीक को व्यवसायिक तौर पर इस्तेमाल किए जाने के लिए मुहैया करवाती है।
यह संस्था इनोवेशन (आविष्कार) करने वालों को अपने प्रोडक्ट के लिए मामूली फीस के बदले पेटेंट हासिल करने में भी मदद करती है।
सेंट्रल वेयरहाउसिंग कारपोरेशन ने कंट्रोल्ड टेंपरेचर स्टोरेज, कोल्ड स्टोरेज जैसी तकनीक का प्रदर्शन किया। मध्य प्रदेश की माइनर फोरेस्ट प्रोड्यूस प्रोसेसिंग एंड रिसर्च सेंटर ने आंवला जूस, च्यवनप्राश, हर्बल चाय, बेल चूरण, एंटी-हेयर फॉल ऑयल, त्रिफला चूर्ण, ब्राह्मी कैप्सूल तैयार करने की तकनीक का प्रदर्शन किया।