{"_id":"5e4b87658ebc3eccc902a9e7","slug":"pgi-chandigarh-canteen-running-with-danger-to-patients-life","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ः पीजीआई के नेहरू अस्पताल में मरीजों की जान जोखिम में डाल चलाई जा रही कैंटीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ः पीजीआई के नेहरू अस्पताल में मरीजों की जान जोखिम में डाल चलाई जा रही कैंटीन
वीणा तिवारी, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 18 Feb 2020 12:12 PM IST
विज्ञापन
पीजीआई चंडीगढ़ कैंटीन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
देशभर से मरीज इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ आ रहे हैं, लेकिन यहां उनकी जान जोखिम में डालकर इलाज हो रहा है। पीजीआई में संचालित कैंटीन में अनुमति के बिना एलपीजी का प्रयोग कर खाना बनाया जा रहा है। एक महीने पहले ही वहां की एक कैंटीन में खाना बनाते समय आग लगने की घटना हो चुकी है।
मामला पीजीआई नेहरू अस्पताल के चौथे तल पर संचालित कैंटीन का है, जहां अनुमति न होने के बावजूद खुलेआम भोजन बनाया जा रहा है। अमर उजाला संवाददाता ने सोमवार को जब इसकी पड़ताल की तो देखा कैंटीन संचालन मनमाने तरीके से पीजीआई में काम कर रहा है। आग लगने के बावजूद पीजीआई प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है।
कैंटीन के साथ किचन मिला उपहार में
पीजीआई प्रशासन ने चौथी मंजिल के कैंटीन के टेंडर में उसे सिर्फ कैंटीन संचालन की अनुमति दी है, जबकि वहां उसके बगल के एक कमरे को किचन बनाया गया है। जहां 24 घंटे पराठा, कड़ी-चावल, राजमा, पूड़ी, मटर-पनीर सहित अन्य सामान बनाए व बेचे जा रहे हैं।
विज्ञापन
कई शिकायतों के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई
वर्ष 2019 के रिकॉर्ड चेक करें तो कैंटीन से संबंधित शिकायत के मामले में कार्रवाई करते हुए कई प्वाइंट इंगित किए गए थे। 30 मई को हुई जांच में कमेटी ने पाया था कि वहां कैंटीन के नाम पर अवैध तरीके से एक कमरे पर भी कब्जा किया गया है।
इसके साथ ही वहां बिना अनुमति के काफी सामान बेचा जा रहा है। वहीं 10 जनवरी, 2010 को हुई जांच में भी कमेटी ने इन्हीं बिंदुओं पर आपत्ति जताई थी। कैंटीन में चाय-पकौड़ी के नाम पर वहां पिज्जा-बर्गर व मैगी बन रही है। बावजूद इसके प्रबंधन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
मामला पीजीआई नेहरू अस्पताल के चौथे तल पर संचालित कैंटीन का है, जहां अनुमति न होने के बावजूद खुलेआम भोजन बनाया जा रहा है। अमर उजाला संवाददाता ने सोमवार को जब इसकी पड़ताल की तो देखा कैंटीन संचालन मनमाने तरीके से पीजीआई में काम कर रहा है। आग लगने के बावजूद पीजीआई प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कैंटीन के साथ किचन मिला उपहार में
पीजीआई प्रशासन ने चौथी मंजिल के कैंटीन के टेंडर में उसे सिर्फ कैंटीन संचालन की अनुमति दी है, जबकि वहां उसके बगल के एक कमरे को किचन बनाया गया है। जहां 24 घंटे पराठा, कड़ी-चावल, राजमा, पूड़ी, मटर-पनीर सहित अन्य सामान बनाए व बेचे जा रहे हैं।
Trending Videos
कई शिकायतों के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई
वर्ष 2019 के रिकॉर्ड चेक करें तो कैंटीन से संबंधित शिकायत के मामले में कार्रवाई करते हुए कई प्वाइंट इंगित किए गए थे। 30 मई को हुई जांच में कमेटी ने पाया था कि वहां कैंटीन के नाम पर अवैध तरीके से एक कमरे पर भी कब्जा किया गया है।
इसके साथ ही वहां बिना अनुमति के काफी सामान बेचा जा रहा है। वहीं 10 जनवरी, 2010 को हुई जांच में भी कमेटी ने इन्हीं बिंदुओं पर आपत्ति जताई थी। कैंटीन में चाय-पकौड़ी के नाम पर वहां पिज्जा-बर्गर व मैगी बन रही है। बावजूद इसके प्रबंधन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
कैंटीन के बगल में वार्ड और ओटी
नेहरू अस्पताल में मरीजों की जान से खिलवाड़ की यह स्थिति है कि ऑपरेशन थियेटर और सर्जिकल वार्ड के पास बनी कैंटीन के किचन में 24 घंटे खाना बनाया जा रहा है। इससे निकलने वाली गैस और धुआं मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन रही है।
जनवरी में लगी थी आग
नेहरू अस्पताल की पांचवें तल पर संचालित डॉक्टर्स कैंटीन में 27 जनवरी को आग लगने की घटना हुई थी। उस घटना से पीजीआई प्रशासन चेतने के बजाय पल्ला झाड़ने का काम कर रहा है। पांचवें तल की कैंटीन को वैसे तो डॉक्टर्स कैंटीन का नाम दिया गया है, लेकिन वहां मरीज और उनके परिजन भी खरीदारी करने पहुंचते हैं।
टेंडर के अनुसार बेचना है यह सामान
चाय- 5 रुपये
दूध की चाय- 7 रुपये
समोसा- 10 रुपये
ब्रेड पकौड़ा- 10 रुपये
बर्गर- 10 रुपये
एक लीटर उबला दूध- आधा लीटर 25 रुपये में
नेहरू अस्पताल की चौथी मंजिल पर संचालित कैंटीन में मानकों के आधार पर काम हो रहा है। अगर टेंडर से विपरीत किचन संचालित हो रही है तो जांच कमेटी इसे तत्काल बंद कराएगी। जहां तक आग लगने पर बचाव की बात है तो इसके लिए पीजीआई पूरी तरह तैयार है।
- डॉ. अशोक कुमार, पीजीआई प्रवक्ता
जनवरी में लगी थी आग
नेहरू अस्पताल की पांचवें तल पर संचालित डॉक्टर्स कैंटीन में 27 जनवरी को आग लगने की घटना हुई थी। उस घटना से पीजीआई प्रशासन चेतने के बजाय पल्ला झाड़ने का काम कर रहा है। पांचवें तल की कैंटीन को वैसे तो डॉक्टर्स कैंटीन का नाम दिया गया है, लेकिन वहां मरीज और उनके परिजन भी खरीदारी करने पहुंचते हैं।
टेंडर के अनुसार बेचना है यह सामान
चाय- 5 रुपये
दूध की चाय- 7 रुपये
समोसा- 10 रुपये
ब्रेड पकौड़ा- 10 रुपये
बर्गर- 10 रुपये
एक लीटर उबला दूध- आधा लीटर 25 रुपये में
नेहरू अस्पताल की चौथी मंजिल पर संचालित कैंटीन में मानकों के आधार पर काम हो रहा है। अगर टेंडर से विपरीत किचन संचालित हो रही है तो जांच कमेटी इसे तत्काल बंद कराएगी। जहां तक आग लगने पर बचाव की बात है तो इसके लिए पीजीआई पूरी तरह तैयार है।
- डॉ. अशोक कुमार, पीजीआई प्रवक्ता