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अब स्मार्टफोन दूर करेगा सीवरेज की समस्या
अमर उजाला मोहाली
Updated Thu, 05 Dec 2013 09:52 AM IST
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सड़क पर गड्ढा पड़ गया है, या फिर सीवरेज ओवरफ्लो हो रहा है। कोई भी मामूली या बड़ी समस्या है, तो भागदौड़ और इंतजार की जरूरत नहीं।
बस अपने स्मार्ट फोन से समस्या की फोटो खींचें, वह नगर निगम के पास पहुंच जाएगी।
उस जगह की लोकेशन भी आ जाएगी। साथ ही संबंधित अफसर को मैसेज जाएगा, जो समस्या ठीक करने के बाद कंट्रोल रूम को रिपोर्ट करेगा। फिर शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी मैसेज या ई-मेल द्वारा दी जाएगी।
यह करिश्मा नगर निगम के मैजिक-ऐप एमसी क्रैमेट (एमसी सिटिजंस रिपोर्टिंग एंड मैपिंग टूल) के जरिए होगा। बुधवार को कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी ने निगम का यह मैजिक-ऐप और टोल फ्री हेल्पलाइन लॉन्च की। उत्तर भारत में अपनी तरह का यह पहला प्रयोग है।
निगम द्वारा लॉन्च की गई हेल्पलाइन में टोल फ्री नंबर 1800-137-0007 पर किसी भी समस्या से संबंधित शिकायत की जा सकती है।
जोशी ने मोहाली नगर निगम की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस मॉडल को राज्य के दूसरे शहरों में भी लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन पर आई शिकायतों और उनके निपटारे की समीक्षा वह खुद हर महीने मीटिंग करके करेंगे।
जोशी ने बताया कि अब तक राज्य भर में सौ करोड़ रुपया प्रॉपर्टी टैक्स जमा हो चुका है। लोगों के उत्साह को देखते हुए छूट की सीमा दस दिसंबर तक बढ़ाई गई है।
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इससे जुटाई गई रकम को शहरों के विकास में लगाया जाएगा। कांग्रेस इसे लेकर लोगों को गुमराह कर रही है।
पत्रकारों द्वारा निगम चुनाव के सवाल पर उन्होंने संकेत दिया कि अभी वक्त लगेगा। सीपीएस सोम प्रकाश ने अधिकारियों से कहा कि वे आने वाली शिकायतों का निपटारा निर्धारित समय में करने के लिए संजीदगी से काम करें। समागम को अमनजोत कौर रामूवालिया, सुखविंदर गोल्डी, गमाडा सीए एके सिन्हा, डीसी टीपीएस सिद्धू एवं निगम कमिश्नर उमाशंकर गुप्ता ने भी संबोधित किया।
कैसे काम करेगा मैजिक-ऐप
नगर निगम का मैजिक-ऐप एमसी क्रैमेट बहुत ही आसानी से शिकायतें निगम तक पहुंचाएगा। इंटरनेट द्वारा किसी भी स्मार्ट फोन में गूगल प्ले स्टोर से यह ऐप फ्री डाउनलोड किया जा सकता है। डाउनलोड करने के बाद पहली बार रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
फिर कहीं भी सड़क टूटी हो, कूड़ा पड़ा हो या स्ट्रीट लाइट खराब हो, बस फोन से उसकी फोटो खींचें। एमसी क्रैमेट के जरिए वह फोटो सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी। लॉगिन करने के बाद न्यू बटन दबाएं, कैमरा ऑन हो जाएगा, बस फोटो खींचे और भेज दें।
गूगल मैप के द्वारा उस जगह की लोकेशन भी खुद ही आ जाएगी। अगर कुछ लिखना चाहें तो लिख भी सकतें है, नहीं तो जरूरत नहीं। अगर उस समय इंटरनेट नहीं हो तो भी एमसी क्रैमेट डाटा सेव कर लेगा, जैसे ही इंटरनेट चलेगा, खुद ही डाटा सर्वर तक पहुंच जाएगा।
कंट्रोल रूम में समस्या की फोटो आते ही संबंधित अधिकारी को मैसेज जाएगा। वह समस्या ठीक कराने के बाद कंट्रोल रूम को सूचित करेगा। फिर शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी मैसेज या मेल द्वारा दी जाएगी। 24 घंटे में कभी भी इस तरीके से शिकायत भेजी जा सकती है।
अधिकारी भी फोटो खींच कर बताएंगे हल
नगर निगम ने फिलहाल शिकायतों के निपटारे की कार्रवाई मैनुअली कराने की प्रक्रिया शुरू की है। परंतु यह भी योजना बनाई जा रही है कि शिकायतों का निपटारा करने वाले अधिकारी भी फोटो खींच कर ही हल के बारे में बताएं।
निगम कमिश्नर उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि इसके लिए सॉफ्टवेयर कंपनी से बात की गई है। संबंधित अधिकारियों को भी स्मार्ट फोन मुहैया कराए जाएंगे। जिसमें करीब दस दिन का समय लगेगा। फिर शिकायतों के निपटारे के बाद वे भी मौके से ही फोटो खींच कर भेजेंगे।
सभी विभागों से लिए नोडल अफसर
नगर निगम द्वारा शुरू की गई हेल्पलाइन और मैजिक ऐप के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ भी तालमेल किया गया है। गमाडा और बिजली विभागों के नोडल अफसरों को भी इसमें शामिल किया गया है। ताकि अगर समस्या उनसे संबंधित है, तो भी फौरन हल की जाए।
कितनी देर में दूर होंगी समस्याएं
मेंटेनेंस - एक दिन
स्ट्रीट लाइट - एक दिन
वॉटरसप्लाई - तीन दिन
सीवरेज - तीन दिन
बागवानी - दो दिन
अवैध कब्जे - दो दिन
अन्य समस्याएं - सात दिन
बस अपने स्मार्ट फोन से समस्या की फोटो खींचें, वह नगर निगम के पास पहुंच जाएगी।
उस जगह की लोकेशन भी आ जाएगी। साथ ही संबंधित अफसर को मैसेज जाएगा, जो समस्या ठीक करने के बाद कंट्रोल रूम को रिपोर्ट करेगा। फिर शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी मैसेज या ई-मेल द्वारा दी जाएगी।
यह करिश्मा नगर निगम के मैजिक-ऐप एमसी क्रैमेट (एमसी सिटिजंस रिपोर्टिंग एंड मैपिंग टूल) के जरिए होगा। बुधवार को कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी ने निगम का यह मैजिक-ऐप और टोल फ्री हेल्पलाइन लॉन्च की। उत्तर भारत में अपनी तरह का यह पहला प्रयोग है।
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निगम द्वारा लॉन्च की गई हेल्पलाइन में टोल फ्री नंबर 1800-137-0007 पर किसी भी समस्या से संबंधित शिकायत की जा सकती है।
जोशी ने मोहाली नगर निगम की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस मॉडल को राज्य के दूसरे शहरों में भी लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन पर आई शिकायतों और उनके निपटारे की समीक्षा वह खुद हर महीने मीटिंग करके करेंगे।
जोशी ने बताया कि अब तक राज्य भर में सौ करोड़ रुपया प्रॉपर्टी टैक्स जमा हो चुका है। लोगों के उत्साह को देखते हुए छूट की सीमा दस दिसंबर तक बढ़ाई गई है।
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इससे जुटाई गई रकम को शहरों के विकास में लगाया जाएगा। कांग्रेस इसे लेकर लोगों को गुमराह कर रही है।
पत्रकारों द्वारा निगम चुनाव के सवाल पर उन्होंने संकेत दिया कि अभी वक्त लगेगा। सीपीएस सोम प्रकाश ने अधिकारियों से कहा कि वे आने वाली शिकायतों का निपटारा निर्धारित समय में करने के लिए संजीदगी से काम करें। समागम को अमनजोत कौर रामूवालिया, सुखविंदर गोल्डी, गमाडा सीए एके सिन्हा, डीसी टीपीएस सिद्धू एवं निगम कमिश्नर उमाशंकर गुप्ता ने भी संबोधित किया।
कैसे काम करेगा मैजिक-ऐप
नगर निगम का मैजिक-ऐप एमसी क्रैमेट बहुत ही आसानी से शिकायतें निगम तक पहुंचाएगा। इंटरनेट द्वारा किसी भी स्मार्ट फोन में गूगल प्ले स्टोर से यह ऐप फ्री डाउनलोड किया जा सकता है। डाउनलोड करने के बाद पहली बार रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
फिर कहीं भी सड़क टूटी हो, कूड़ा पड़ा हो या स्ट्रीट लाइट खराब हो, बस फोन से उसकी फोटो खींचें। एमसी क्रैमेट के जरिए वह फोटो सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी। लॉगिन करने के बाद न्यू बटन दबाएं, कैमरा ऑन हो जाएगा, बस फोटो खींचे और भेज दें।
गूगल मैप के द्वारा उस जगह की लोकेशन भी खुद ही आ जाएगी। अगर कुछ लिखना चाहें तो लिख भी सकतें है, नहीं तो जरूरत नहीं। अगर उस समय इंटरनेट नहीं हो तो भी एमसी क्रैमेट डाटा सेव कर लेगा, जैसे ही इंटरनेट चलेगा, खुद ही डाटा सर्वर तक पहुंच जाएगा।
कंट्रोल रूम में समस्या की फोटो आते ही संबंधित अधिकारी को मैसेज जाएगा। वह समस्या ठीक कराने के बाद कंट्रोल रूम को सूचित करेगा। फिर शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी मैसेज या मेल द्वारा दी जाएगी। 24 घंटे में कभी भी इस तरीके से शिकायत भेजी जा सकती है।
अधिकारी भी फोटो खींच कर बताएंगे हल
नगर निगम ने फिलहाल शिकायतों के निपटारे की कार्रवाई मैनुअली कराने की प्रक्रिया शुरू की है। परंतु यह भी योजना बनाई जा रही है कि शिकायतों का निपटारा करने वाले अधिकारी भी फोटो खींच कर ही हल के बारे में बताएं।
निगम कमिश्नर उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि इसके लिए सॉफ्टवेयर कंपनी से बात की गई है। संबंधित अधिकारियों को भी स्मार्ट फोन मुहैया कराए जाएंगे। जिसमें करीब दस दिन का समय लगेगा। फिर शिकायतों के निपटारे के बाद वे भी मौके से ही फोटो खींच कर भेजेंगे।
सभी विभागों से लिए नोडल अफसर
नगर निगम द्वारा शुरू की गई हेल्पलाइन और मैजिक ऐप के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ भी तालमेल किया गया है। गमाडा और बिजली विभागों के नोडल अफसरों को भी इसमें शामिल किया गया है। ताकि अगर समस्या उनसे संबंधित है, तो भी फौरन हल की जाए।
कितनी देर में दूर होंगी समस्याएं
मेंटेनेंस - एक दिन
स्ट्रीट लाइट - एक दिन
वॉटरसप्लाई - तीन दिन
सीवरेज - तीन दिन
बागवानी - दो दिन
अवैध कब्जे - दो दिन
अन्य समस्याएं - सात दिन