सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   UT Administration Decision to Give Affiliation to Illegal Schools

बड़ी राहतः गांवों और कॉलोनियों में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को मान्यता देगा यूटी प्रशासन

अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 18 Feb 2020 11:32 AM IST
विज्ञापन
UT Administration Decision to Give Affiliation to Illegal Schools
यूटी एडवाइजर को मांगपत्र सौंपते सोसाइटी के सदस्य - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
चंडीगढ़ के गांवों और कॉलोनियों में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के लिए राहत की खबर है। यूटी प्रशासन अब इनमें से कुछ स्कूलों को मान्यता देने जा रहा है। सोमवार को यूटी प्रशासन ने फैसला लिया है कि 91 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के लिए शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन होगा, जो सभी स्कूलों के दस्तावेजों की जांच करेगी और योग्य पाए जाने पर मान्यता दी जाएगी।  अन्य स्कूलों को समय भी दिया जाएगा ताकि वह नियमों को पूरा कर सकें। प्रशासन के इस फैसले से हजारों छात्रों को राहत मिलेगी।
Trending Videos


यूटी प्रशासन के शिक्षा विभाग ने गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करने की तैयारी कर ली थी। विभाग ने एक सर्कुलर जारी कर इन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के परिजनों को सलाह दी थी कि वह अगले सेशन से अपने बच्चों को आसपास के सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाना शुरू कर दें। इसके लिए शिक्षा विभाग ने 10 सरकारी स्कूलों की लिस्ट भी जारी कर दी थी। परिजनों को शिक्षा विभाग ने सलाह दी थी कि वह दाखिले के लिए संबंधित स्कूल के प्रिंसिपल से संपर्क कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस वाक्ये के बाद चंडीगढ़ रूरल एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी की सोमवार को एडवाइजर मनोज परिदा, शिक्षा सचिव अरूण कुमार गुप्ता, डायरेक्टर रुबिंदरजीत सिंह बराड़ के साथ बैठक हुई। बैठक में एडवाइजर परिदा ने योग्य स्कूलों को मान्यता देने और एक कमेटी का गठन करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी और योग्य पाये जाने वालों को मान्यता दी जाएगी और जो स्कूल योग्य नही होंगे उन्हें समय दिया जाएगा। अगर फिर भी वह स्कूल नियमों को पूरा नहीं करेंगे तो उन्हें बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

आरटीई एक्ट के तहत गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को मिले मान्यता: वीबी कपिल

चंडीगढ़ रूरल एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान वीबी कपिल ने आरटीई एक्ट 2009 का हवाला देकर स्कूलों को मान्यता देने की बात कही। उन्होंने मनोज परिदा को बताया कि चंडीगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में प्राइवेट स्कूल पिछले लगभग 20 वर्षों से चल रहे हैं। राइट टू एजुकेशन 2009 की बात करें तो ये स्कूल लगभग सभी मूलभूत आवश्यकताएं विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाते हैं।

आंकड़ों के अनुसार चंडीगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में 91 प्राइवेट स्कूल लगभग 20,000 विद्यार्थियों को शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। इन स्कूलों ने चंडीगढ़ के शिक्षा विभाग से मान्यता के लिए आवेदन किया था, जिसमें कई स्कूलों की इंस्पेक्शन भी हो चुकी है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने खुद ही इन स्कूलों को बेहतर पाया था। परंतु इन स्कूलों को प्राइमरी एजुकेशन के लिए मान्यता नहीं दी गई  है।

मान्यता मिलने से हजारों बच्चों का होगा फायदा
सभी 91 गैर-मान्यता प्राप्त स्कूल मौलीजागरां, मनीमाजरा, धनास, मलोया, हल्लोमाजरा, खुड्डा अलीशेर, डड्डूमाजरा आदि में हैं। विभाग के अनुसार इनमें से कई स्कूल नियम-कानूनों पर खरे नहीं उतरते हैं। इन स्कूलों में कई ऐसे भी हैं, जिनमें सिर्फ 17 से 50 विद्यार्थी ही पढ़ते हैं। जबकि कई ऐसे हैं, जिनमें 500 से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं। सोसाइटी के सदस्यों ने बताया कि शिक्षा विभाग की तरफ से कई बार उनके स्कूलों की जांच की जाती रही है।


कुछ महीने पहले सभी स्कूलों से बिजली, पानी के बिल भी मंगाए गए जिससे लगा कि स्कूलों को शिक्षा विभाग मान्यता दे सकता है लेकिन बावजूद इसके कुछ नहीं हुआ। बताया कि, सभी स्कूल शिक्षा विभाग से आरटीई एक्ट के तहत ही मान्यता देने की मांग कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो वह स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को कई अन्य सुविधाएं भी मुहैया करा सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed