विरोध दरकिनार: विनोद घई ही होंगे पंजाब के महाधिवक्ता, सीएम मान बोले- वह एक सक्षम वकील हैं
विनोद घई की नियुक्ति का राजनीतिक और सिख संगठन विरोध कर रहे थे। उनका तर्क था कि एडवोकेट घई बेअदबी केस में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के वकील रह चुके हैं, इसलिए उन्हें एजी नहीं लगाया जाना चाहिए।
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पंजाब में नए महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) की नियुक्ति पर जारी विरोध के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साफ कर दिया है कि विनोद घई ही पंजाब के अगले एडवोकेट जनरल होंगे। कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह एक सक्षम वकील हैं और हमें पूरी उम्मीद है कि पंजाब के मामलों की उचित तरीके से पैरवी की जाएगी।
गुरुवार को जब भगवंत मान से नए एजी की नियुक्ति को लेकर फैली अफवाहों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह अफवाहें आप के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा फैलाई जा रही थीं, जो पार्टी के अन्य राज्यों में लगातार विकास को विफल करना चाहते हैं। मान ने यह भी साफ कर दिया कि विनोद घई की टीम भी कोई सिफारिशी नहीं होगी।
उल्लेखनीय है कि घई की नियुक्ति का राजनीतिक और सिख संगठन विरोध कर रहे थे। उनका तर्क था कि एडवोकेट घई बेअदबी केस में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के वकील रह चुके हैं, इसलिए उन्हें एजी नहीं लगाया जाना चाहिए। बहिबल कलां इंसाफ मोर्चा उनकी नियुक्ति का विरोध कर रहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के कार्यकाल के दौरान सीनियर एडवोकेट एपीएस देओल को एजी नियुक्त करने के बाद हटा दिया गया था क्योंकि वह बेअदबी से जुड़े गोलीकांड केस में पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी समेत आरोपी पुलिस अफसरों के वकील रहे थे। उन्होंने सैनी को ब्लैंकेट बेल भी दिलाई थी। जब उनकी नियुक्ति का विरोध हुआ तो चन्नी सरकार ने उन्हें हटाकर एडवोकेट डीएस पटवालिया को एजी लगा दिया था।
पराली जलाने से रोकने को पंजाब ने केंद्र व दिल्ली से मांगा पैसा
पंजाब सरकार ने किसानों को पराली न जलाने के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार और दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार से वित्तीय सहयोग की मांग की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार पराली नहीं जलाने वाले किसानों को कम से कम 2500 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मदद देना चाहती है। हालांकि, मान ने कहा कि वह चाहते हैं कि भाजपा शासित केंद्र सरकार और आम आदमी पार्टी शासित दिल्ली सरकार इस वित्तीय बोझ को पंजाब के साथ साझा करें।
भगवंत मान ने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि हम किसानों को 2500 रुपये प्रति एकड़ देना चाहते हैं ताकि वे पराली न जलाएं और इसके लिए हमने केंद्र से 1500 रुपये, दिल्ली सरकार से 500 रुपये की मांग की है। बाकी 500 रुपये पंजाब सरकार देगी। उल्लेखनीय है कि पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में आज भी पराली जलाना व्यापक रूप से प्रचलित है। राष्ट्रीय राजधानी में सर्दियों के महीनों में जो भीषण प्रदूषण होता है, उसके लिए पराली जलाने को भी जिम्मेदार ठहराया जाता है। इस समय पंजाब और दिल्ली में आम आदमी पार्टी की ही सरकार है।