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Raipur News: सिलयारी नाबालिग प्रकरण पर बाल आयोग सख्त, स्वतः संज्ञान लेकर तलब की रिपोर्ट
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 12 Jun 2026 02:00 PM IST
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सार
रायपुर जिले के सिलयारी क्षेत्र में नाबालिग बालिका से जुड़े गंभीर मामले ने नया मोड़ ले लिया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया है और इसकी विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रायपुर जिले के सिलयारी क्षेत्र में नाबालिग बालिका से जुड़े गंभीर मामले ने नया मोड़ ले लिया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया है और इसकी विस्तृत जांच शुरू कर दी है। आयोग ने इसे बाल अधिकारों और नाबालिगों की सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील विषय बताते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार, शुरुआती जांच के दौरान मामला आगे नहीं बढ़ पाया था, लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और ऑडियो सामने आने के बाद घटनाक्रम ने तूल पकड़ लिया। नए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने दोबारा जांच शुरू की, जिसके बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं जांच में लापरवाही के आरोप में संबंधित चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) रायपुर को पीड़ित बालिका का बयान दर्ज कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा है कि मामले की पूरी तथ्यात्मक रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराई जाए, ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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इसके साथ ही आयोग ने बालिका और उसके अभिभावकों को 15 जून 2026 को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा है। सुनवाई के दौरान मामले में लागू कानूनी प्रावधानों, विशेष रूप से पॉक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के पालन की समीक्षा भी की जाएगी।
आयोग का कहना है कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और यदि जांच में किसी प्रकार की चूक सामने आती है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, शुरुआती जांच के दौरान मामला आगे नहीं बढ़ पाया था, लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और ऑडियो सामने आने के बाद घटनाक्रम ने तूल पकड़ लिया। नए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने दोबारा जांच शुरू की, जिसके बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं जांच में लापरवाही के आरोप में संबंधित चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) रायपुर को पीड़ित बालिका का बयान दर्ज कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा है कि मामले की पूरी तथ्यात्मक रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराई जाए, ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इसके साथ ही आयोग ने बालिका और उसके अभिभावकों को 15 जून 2026 को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा है। सुनवाई के दौरान मामले में लागू कानूनी प्रावधानों, विशेष रूप से पॉक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के पालन की समीक्षा भी की जाएगी।
आयोग का कहना है कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और यदि जांच में किसी प्रकार की चूक सामने आती है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।