गैरसैंण में सरकार को चारों खाने चित्त करने की तैयारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहली बार राजधानी देहरादून से बाहर हो रहे उत्तराखंड के विधानसभा सत्र में भाजपा का रुख पूरी तरह आक्रामक रहेगा। विधानमंडल दल की बैठक में तय हो गया है कि सरकार ने गैरसैंण में सत्र का आयोजन करके जो राजनीतिक वाहवाही लूटने की कोशिश की है उसे सफल नहीं होने देना है।
विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी की है। नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित विधान मंडल दल की बैठक में सभी विधायकों की राय यही आई कि हर हाल में आक्रामक रहकर जनहित के मुद्दों को उठाया जाए।
ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की भी मांग
विपक्ष सदन के भीतर सरकार से इस सवाल का जवाब भी मांगेगा कि गैरसैंण में विधान भवन कब तक बनकर तैयार होगा और गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने में क्या हर्ज है।
विपक्ष की बैठक में नेता प्रतिपक्ष के ऊपर विधायकों का जबरदस्त दबाव था कि किसी भी हालत में पहाड़ के सरोकार के मुद्दों पर सरकार को घेरने में कोई कर बाकी नहीं छोड़नी है।
सर्वसम्मति से यही राय बनी कि सरकार को सदन के भीतर निरुत्तर कर देना है। नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने भी कहा कि विधायकों के तेवर बेकार नहीं जाएंगे।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
आबकारी में एफएल-2 पर मुख्यमंत्री से सफाई मांगी जाएगी। यह पूछा जाएगा कि जब शराब से हर वर्ष राजस्व बढ़ रहा है तो फिर एफएल-2 लागू करके स्थानीय व्यवसायियों को नुकसान पहुंचाकर बाहरी प्रदेशों के शराब माफियाओं को राज्य में क्यों लाया जा रहा है।
पूरे प्रदेश में बिजली कटौती से हाहाकार मचा है, आखिर बिजली उत्पादन बढ़ाने और बिजली खरीद में हो रहे घोटाले की जांच क्यों नहीं की जाती।
पिछले वर्ष जून में आई दैवी आपदा से हुए नुकसान के बाद स्थानीय लोगो को क्या राहत दी गई और केंद्र से मिले पैसे का क्या इस्तेमाल हुआ।
प्रदेश में चार लाख से ज्यादा गन्ना किसानों का 200 करोड़ से ज्यादा का भुगतान कब तक होगा और क्या ब्याज भी मिलेगा।
भाजपा विधायकों के क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर हो रहे भेदभाव पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा। इसके लिए भाजपा विधायकों के क्षेत्रों से जुड़ी जानकारी जुटाई गई है।