तीन आत्महत्याएं, तीनों की अलग कहानी
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राजधानी देहरादून के लिए मंगलवार का दिन तीन अलग-अलग आत्महत्या की घटनाओं की वजह से सनसनी से भरा रहा। तीन आत्महत्याओं में जहां दो की जान चली गई वहीं एक महिला की सही वक्त पर इलाज के चलते जान बच गई।
आत्महत्या करने वाला एक युवक 26 साल का है जिसने जहरीला पदार्थ खा लिया था जबकि 13 साल की एक किशोरी की संदिग्धावस्था में फंदे से झूलकर जान दे दी। वहीं एक महिला जैसे ही फंदे से झूली उसकी पड़ोसन ने उसे देख लिया जिससे उसकी जान बच गई।
प्यार ने मुंह मोड़ा तो दे दी जान
मनमुटाव के बाद प्रेमिका के मुंह मोड़ने से आहत युवक ने जहरीला पदार्थ निगल कर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक राजपुर के किशनपुर निवासी राजा (26) के एक लड़की से प्रेम संबंध थे। कुछ दिन पहले दोनों के बीच मनमुटाव के बाद राजा काफी तनाव में था। चार अप्रैल की शाम जान देने के मकसद से उसने जहर खा लिया।
इलाज के दौरान हुई मौत
हालत बिगड़ने पर घर वालों को पता चला तो वे लेकर दून अस्पताल पहुंचे। इलाज के दौरान मंगलवार तड़के राजा की मौत हो गई। पोस्टमार्टम कराने के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
परिजन जहर निगलने की वजह की जानकारी से इनकार कर रहे हैं, मगर एसओ राजपुर प्रदीप राणा के मुताबिक प्यार में असफल होने पर राजा ने यह कदम उठाया है।
मौत के मुंह से खींच लाई पड़ोसन
खुड़बड़ा में रहने वाली विवाहिता ने मंगलवार रात फांसी लगाकर खुदकुशी की कोशिश की। मगर ऐन वक्त पर पड़ोसन ने आकर उसे बचा लिया। पुलिस के मुताबिक महिला की शादी को 15 साल हो चुके हैं। उसकी कोई संतान नहीं है।
मंगलवार रात पति काम पर गया था। महिला घर में अकेली थी। मानसिक तनाव से गुजर रही महिला ने जान देने के मकसद से पंखे पर फंदा लगाने की कोशिश की।
इसी बीच पड़ोसी की एक महिला मिलने पहली मंजिल पर आ गई। उसे लटकते देख पड़ोसन ने महिला के पैरों को ऊपर उठाकर शोर मचाना शुरू कर दिया। जब तक परिजन पहुंचे, विवाहिता बेहोश हो चुकी थी।
आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां वह आईसीयू में भर्ती है। कोतवाली निरीक्षक एसएस विष्ट ने बताया कि पड़ोसन की वजह से कोशिश विफल हो गई। वजह अभी साफ नहीं है।
सेवानिवृत्त कर्नल के घर पंखे पर झूली नाबालिग
कृषाली में रिटायर्ड कर्नल की कोठी में रहने वाली सातवीं की छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मंगलवार सुबह शव पंखे पर लटका मिला। घटना की वजह का पता नहीं चल पाया है।
पुलिस के मुताबिक कृषाली के रहने वाले कमल थापा ने पत्नी के मौत के बाद छोटी बेटी राजकुमारी को बड़ी बेटी के साथ सहस्त्रधारा बाइपास पर रहने वाले रिटायर्ड कर्नल भूपेन्द्र शाही को सौंप दिया।
सोमवार रात राजकुमारी रोजाना की तरह काम के बाद स्टोर में सोने चली गई। सुबह को वापस नहीं आई तो कर्नल दंपति उसे बुलाने स्टोर पहुंचे। दरवाजा बंद होने पर उन्होंने खिड़की से झांका तो राजकुमारी का शव पंखे पर लटका मिला।
मां ने भी की थी आत्महत्या
मौके पर आई राजपुर थाना पुलिस ने शव नीचे उतारा। सूचना पर तब तक मृतका के पिता कमल थापा भी आ गए। मौके से सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। एसओ राजपुर प्रदीप राणा ने बताया कि राजकुमारी की मां ने पारिवारिक कारणों से बरसों पहले आत्महत्या कर ली थी।
दो दिन पहले बेहद खुश थी बेटी
पिता कमल थापा ने बताया कि पता नहीं यह कैसे हो गया। दो दिन पहले बेटी से मुलाकात हुई थी। तब वह बेहद खुश थी। बड़ी बेटी भी शाही दंपति के साथ रही। अब राजकुमारी वहीं पढ़ाई कर रही थी।