अब केदारनाथ के लिए नहीं चढ़नी होगी खड़ी चढ़ाई
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भोले बाबा के दर्शन को केदारनाथ धाम आने वाले यात्रियों को अब रामबाड़ा से आगे खड़ी चढ़ाई नहीं चढ़नी होगी। अगले एक हफ्ते में केदार धाम तक नए पैदल मार्ग का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
निम (नेहरू पर्वतारोहण संस्थान) उत्तरकाशी की टीम नए एलाइमेंट पर पैदल मार्ग को सुगम बनाने में जुटी है। छानी कैंप से धाम तक इस तीन किमी मार्ग पर सीसी और पुश्ता निर्माण का काम अंतिम चरण में है।
यहां बता दें कि रामबाड़ा से केदारनाथ तक सात किमी का पुराना ट्रैक पिछले वर्ष आई आपदा में ध्वस्त हो चुका है।
अभी घोड़े-खच्चर भी नहीं चल रहे
निम ने रामबाड़ा से मंदाकिनी नदी पार लिनचोली और केदारनाथ बेस कैंप होते हुए नए मार्ग के निर्माण का जिम्मा लिया है।
हालांकि निम ने पिछले वर्ष लोनिवि द्वारा बनाए गए अस्थायी मार्ग में सुधार करते हुए बड़ी लिनचोली तक काफी चौड़ा सीसी मार्ग बना लिया था। लेकिन असली दिक्कत यात्रियों को छानी कैंप से आगे भैरव गदेरे से देवदर्शनी तक आ रही थी।
यहां लोनिवि ने खड़ी चढ़ाई में कैंची बैंड डाले हैं, जिन पर एक-एक कदम रखना भारी साबित हो रहा है। साथ ही इस पैच में घोड़े-खच्चर भी नहीं चल रहे हैं।
घोड़े-खच्चरों का भी चलना शुरू हो जाएगा
इसका हल निकालने के लिए निम ने छानी कैंप के ऊपर से होते हुए ढाल कम करते हुए चार मीटर रास्ते का निर्माण किया है।
निम के सहयोगी योगेंद्र राणा ने बताया कि रास्ता देवदर्शनी तक जुड़ चुका है। अब खड़ंजे बिछाने के साथ ही पुश्ता निर्माण चल रहा है। सीमेंट का काम खत्म होते हुए ही इस पर घोड़े-खच्चरों का भी चलना शुरू हो जाएगा।
पैदल मार्ग पर खड़ी चढ़ाई को खत्म कर दिया गया है। इस मार्ग पर यात्रियों को चलने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
-कर्नल अजय कोठियाल, प्रधानाचार्य निम