इस बार आसानी से हो रहे बदरीधाम में दर्शन
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बदरीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों के बीच जहां भगवान बदरीनाथ के दर्शनों के लिए धक्का-मुक्की होती थी, वहीं इस बार धाम में तीर्थयात्री आसानी से दर्शन कर पा रहे हैं। यात्रियों को लाइन में भी नहीं लगना पड़ रहा।
पांच मई को धाम के कपाट तीर्थयात्रियों के दर्शनार्थ खुले थे। इन 20 दिनों में करीब 35 हजार तीर्थयात्री बदरीविशाल के दर्शन कर चुके हैं।
धाम में इन दिनों वीआईपी और तीर्थयात्री भी जब चाहे तब बदरीनाथ के दर्शन कर रहे हैं। तीर्थयात्रियों के लिए वीआईपी गेट भी खोल दिया गया है।
यात्रा तैयारियों से संतुष्ट हैं यात्री
धाम के दर्शन और ब्रह्मकपाल में अपने पितरों के तर्पण के लिए बड़ी संख्या में तीर्थयात्री यहां पहुंच रहे हैं।
महाराष्ट्र के मनमोहन चक्रवर्ती, विनोद शर्मा और जगन्नाथ का कहना है कि जब अखबारों में उत्तराखंड की आपदा की फोटो और खबरें पढ़ी तो रूह कांप रही थी, लेकिन यहां आकर देखा तो स्थिति सामान्य हैं।
सरकार ने यात्रा की अच्छी तैयारियां की हैं। दिल्ली से परिवार के साथ बदरीनाथ की तीर्थयात्रा पर आए जीतेंद्र और मीना कहते हैं कि वे पुत्र कामना लेकर बदरीनाथ की शरण में पहुंचे हैं।
आस्था का है केंद्र
पंजाब के शिव चरण सिंह ने कहा वे हेमकुंड साहिब तीर्थ की यात्रा पर पहुंचे थे, लेकिन यहां आकर बदरीनाथ धाम की यात्रा भी कर ली है।
बदरीनाथ धाम में करोड़ों हिंदुओं की आस्था है। आपदा के बाद ऐसा लग रहा था कि राज्य के चारों धामों की तीर्थयात्रा को शुरू करने में सालों बीत जाएंगे, लेकिन तीर्थयात्रियों की आस्था से हर जनमानस स्तब्ध है। तीर्थयात्रियों को धाम में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
-बीडी सिंह, मुख्य कार्याधिकारी, बीकेटीसी, बदरीनाथ धाम।