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Ration Card: कार्रवाई का डर, लोग धड़ाधड़ कर रहे अब कार्ड सरेंडर, गाइडलाइन नहीं होने से दुविधा, यहां मिलेंगे सवालों के जवाब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 02 Jun 2022 10:33 AM IST
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सार

राशन कार्डों को लेकर वर्तमान में काफी शोर-शराबा हो रखा है। लोग राशन कार्ड की पात्रता को लेकर असमंजस में हैं और तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं। ये हाल पूरे प्रदेश में है। ऐसे में जनता के चुनिंदा सवालों के जवाब के लिए जिलापूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी से बात की गई।  

Ration Card, People are now surrendering ration cards for fear of action
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विस्तार

खाद्य विभाग की अपात्र को न, पात्र को हां अभियान के तहत पूरे प्रदेश में राशन कार्ड सरेंडर करने वालों की लाइन अलग-अलग जनपदों के जिला पूर्ति कार्यालय में लग रही है। हालांकि उपभोक्ताओं की ओर से राशन कार्ड की पात्रता और अपात्रता को लेकर अब भी दुविधा बनी हुई है।

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दरअसल, विभाग की ओर से कोई स्पष्ट गाइड लाइन नहीं होने से लोग असमंजस में हैं। वर्तमान में प्रदेश में तीन प्रकार के कार्ड बनाए जा रहे हैं। इनमें अंत्योदय (गुलाबी राशन कार्ड), राष्ट्रीय खाद्य योजना का सफेद कार्ड और इससे ऊपरी वर्ग के लोगों के लिए पीला कार्ड है। तीनों कार्ड बनाने की अलग-अलग शर्तें हैं।
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उपभोक्ताओं के इसी असमंजस को दूर करने के लिए अमर उजाला और संवाद की टीम ने प्रदेश के सभी जिलों में अब तक जमा राशन कार्ड के बारे जानकारी एकत्र करने के साथ उपभोक्ताओं की समस्याओं को समझा और उन्हें इस खबर के माध्यम से दूर करने का प्रयास भी किया है।
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गुलाबी कार्ड धारक 

वार्षिक आमदनी 15 हजार से कम होनी चाहिए। साथ ही इनकम का कोई स्रोत न हो या वह दिव्यांग, विधवा और बुजुर्ग, जिसका कोई सहारा न हो। 
सफेद कार्डधारक : परिवार की वार्षिक आय 15 हजार से ऊपर नहीं होनी चाहिए। सरकारी नौकरी, रिटायर्ड पेंशनर्स, आयकर दाता और दो हेक्टेयर भूमि वाले इस श्रेणी में नहीं आएंगे। इसमें अन्य मानक भी तय किए गए हैं। 

पीला कार्ड 

डेढ़ लाख से अधिक आय वाले और पांच लाख से कम आए वाले उपभोक्ता पीले कार्ड के हकदार होते हैं। पांच लाख से अधिक आय वाले परिवारों को पीले कार्ड जमा कराने होंगे। खाद्य पूर्ति विभाग का कहना है कि गांव से लेकर शहर तक इस बारे में प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।

जनता के सवाल, जिलापूर्ति अधिकारी के जवाब

राशन कार्डों को लेकर वर्तमान में काफी शोर-शराबा हो रखा है। लोग राशन कार्ड की पात्रता को लेकर असमंजस में हैं और तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं। ये हाल पूरे प्रदेश में है। ऐसे में जनता के चुनिंदा सवालों के जवाब के लिए जिलापूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी से बात की गई।  

प्रश्न- क्या तीन चार महीने से राशन नहीं उठाने पर कार्ड निरस्त हो जाता है?
जिलापूर्ति अधिकारी: नहीं ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि राशन न उठाने पर कार्ड निरस्त हो जाता है।

प्रश्न- वार्षिक आमदनी 5 लाख से कम है तो कौन सा राशन कार्ड रखने के लिए वैध हैं?
जिलापूर्ति अधिकारी: अगर वार्षिक आय पांच लाख से कम है, व्यक्ति अपना पीला कार्ड बना सकता है। जो पूरी तरह से वैध है।

प्रश्न: सफेद राशन कार्ड, गुलाबी और पीले राशन कार्ड में अंतर क्या है?
जिलापूर्ति अधिकारी: सफेद राशन कार्ड ऐसे लोग बना सकते हैं। जिनके परिवार की मासिक आय पंद्रह हजार से ज्यादा न हो। जबकि गुलाबी कार्ड ऐसे लोगों बना सकते हैं, जिनके आजीविका का कोई साधन न हो, दिव्यांग हो, या विधवा या बुर्जुग हो, जिनका कोई आय के स्रोत न हो और मासिक आय पंद्रह हजार से कम हो।  जबकि सालाना पांच लाख से कम आय वालों के पीले राशन कार्ड बनाए जाते हैं।

प्रश्न: आजकल जो राशन कार्ड सरेंडर किए जा रहे हैं, क्या इसके लिए शासन ने कोई शासनादेश निकाला है?
जिलापूर्ति कार्यालय: शासनादेश तो नहीं है, लेकिन इस संबंध में शासन की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

प्रश्न: आयकर भरने वाला व्यक्ति राशन कार्ड नहीं रख सकता है, ऐसा है क्या?
जिलापूर्ति अधिकारी: आयकर भरने वाला व्यक्ति भी राशन कार्ड रख सकता है। केवल जिन लोगों की वार्षिक आय पांच लाख से अधिक हो, वह राशन कार्ड के पात्र नहीं हो सकते। 

प्रश्न: आजकल पता चल रहा है कि एसी, चार पहिया वाहन, 100 वर्गगज का मकान होने पर राशन कार्ड नहीं रख सकते हैं। कृपया स्पष्ट करें?
जिलापूर्ति अधिकारी: फिलहाल ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। केवल पांच लाख से अधिक आय वाले लोग के लिए यह प्रावधान है।

देहरादून : अब तक तीन हजार लोगों ने राशन कार्ड कर दिए सरेंडर

सरकार की ओर से अपात्र राशन कार्डधारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा के बाद अपात्र लोग बड़ी संख्या में कार्ड जमा कराने जिलापूर्ति कार्यालय पहुंच रहे हैं। जिलापूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी ने बताया कि अब तक करीब तीन हजार लोग अपने कार्ड सरेंडर कर चुके हैं। दरअसल, सरकार की ओर से अपात्र राशन कार्डधारकों को 31 मई तक अपने कार्ड सरेंडर करने को कहा गया है। चेतावनी दी गई है कि इसके बाद जांच में अपात्र पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सरकार की इस घोषणा के बाद बड़ी संख्या में अपात्र लोग जिलापूर्ति कार्यालय पहुंचकर कार्ड जमा करा रहे हैं।

हरिद्वार : तेंतीस सौ उपभोक्ताओं ने सरेंडर किए राशन कार्ड

हरिद्वार। जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि अभी तक 3383 राशन कार्ड जमा कराए जा चुके हैं। इनमें राज्य खाद्य योजना के 783, अंत्योदय के 166 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के 2434 राशन कार्ड शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को साफ तौर पर बताया जा रहा है कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 15 हजार से अधिक हैं, उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के सफेद कार्ड जमा कराने होंगे। उधर, लक्सर में भी 550 लोगों ने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं। 

चमोली : जिले में 936 कार्ड हो चुके जमा

गोपेश्वर। चमोली जिले में 26 मई तक 936 राशन कार्ड सरेंडर किए जा चुके हैं। इसमें 582 राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, 160 अंत्योदय और 194 राज्य खाद योजना के हैं। पोखरी विकासखंड के मजयाणी निवासी सतपाल रावत, और विनगढ़ निवासी हर्षवर्धन चौहान ने भी अपने बीपीएल कार्ड जमा किए हैं। इन लोगों का कहना है कि सभी अपात्र लोगों को स्वेच्छा से अपने कार्ड जमा कर देने चाहिए ताकि जरूरतमंद को इसका लाभ मिल सके। जिला पूर्ति अधिकारी शशि कला फरस्वाण ने बताया कि कई लोग कार्यालय आकर नियमों के बारे में पूछ रहे हैं बताया जा रहा है।

उत्तरकाशी : सबसे कम 297 अपात्रों ने सरेंडर किए राशन कार्ड

उत्तरकाशी। सीमांत जनपद उत्तरकाशी में अभी तक मात्र 297 राशन कार्ड सरेंडर हुए हैं, जबकि संभावना जताई जा रही है कि अपात्र राशन कार्ड धारकों की संख्या यहां चार हजार से अधिक है। जनपद में राष्ट्रीय खाद्य योजना व अंत्योदय खाद्य योजना के 48 हजार से अधिक राशन कार्ड हैं। पूर्ति विभाग के अनुसार 10 फीसदी कार्ड धारक अपात्र हैं। इनकी वजह से पात्र व्यक्ति खाद्य योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। अपात्र राशन कार्ड धारकों की जानकारी देने के लिए टोल फ्री नंबर 1967 भी जारी किया गया है। जिला पूर्ति अधिकारी संतोष भट्ट ने बताया कि 31 मई के बाद रिकवरी व विधिक कार्रवाई की जाएगी।

नैनीताल : 2085 लोगों ने राशन कार्ड सरेंडर किए

नैनीताल। जिले में अलग-अलग योजनाओं के कुल 134300 राशन कार्डधारक हैं। जिले में अब तक 2085 लोगों ने अपने राशन कार्ड जिला पूर्ति अधिकारी के यहां सरेंडर करा दिए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी मनोज कुमार वर्मन के मुताबिक अब तक अंत्योदय योजना के 145, प्राथमिक परिवार (पीले कार्ड) के 1513 और राज्य खाद्य योजना (सफेद कार्ड) के 427 कार्डधारकों ने अपने राशन कार्ड सरेंडर करा दिए हैं।

चंपावत : 446 लोगों ने राशनकार्ड सरेंडर किए

चंपावत। खाद्य विभाग की अपात्र को न, पात्र को हां अभियान के तहत जिले में अब तक 446 लोगों ने अपने राशनकार्ड सरेंडर किए हैं। प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि अब तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के 340, अंत्योदय के 88 और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 18 अपात्रों ने अपने राशनकार्ड जिला पूर्ति विभाग में सरेंडर किए हैं।

पिथौरागढ़ : 1230 कार्ड हुए सरेंडर

जिले में अब तक 1230 कार्ड सरेंडर हो चुके हैं। पूर्ति निरीक्षक भुवन सनवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार तक 694 सफेद कार्ड, 45 अंत्योदय (गुलाबी कार्ड) और राज्य खाद्य योजना के तहत 491 लोगों ने पीले कार्ड सरेंडर किए हैं। कार्ड जमा करने के लिए जिला पूर्ति कार्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट रही है।

ऊधमसिंह नगर : 3498 राशन कार्ड किए सरेंडर

ऊधमसिंह नगर जिले में अब तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के 3426 सफेद और अंत्योदय योजना के 72 गुलाबी कार्ड जमा हो चुके हैं। पूर्ति विभाग की ओर से चेतावनी दी गई है कि 30 मई के बाद यदि अपात्र के पास राशन कार्ड मिला तो कार्ड निरस्त करने के साथ ही मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। गंगापुर रोड निवासी संजय उपाध्याय का कहना है कि केंद्रीय योजनाओं में यूपी और उत्तराखंड में अलग-अलग मानक बताए जा रहे हैं जबकि केंद्र की योजना के मानक एक ही होने चाहिए। संवाद

अल्मोड़ा : 251 अपात्र राशन कार्ड सरेंडर

जिले में अब तक 251 राशन कार्ड सरेंडर हो चुके हैं। जिला पूर्ति विभाग ने सभी अपात्र राशन कार्डधारकों से राशन कार्ड सरेंडर करने के लिए कहा है। जिला पूर्ति विभाग के मुताबिक जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और अंत्योदय योजना के कुल 83,147 हजार राशनकार्ड हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के 180 और अंत्योदय योजना के 33 अपात्र राशन कार्ड सरेंडर किए गए हैं। राज्य खाद्य योजना के कुल 68000 राशन कार्ड हैं। इसमें से 38 अपात्र राशन कार्ड सरेंडर हुए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी दिव्या पांडे ने बताया कि सभी अपात्र लोगों को 31 मई तक खुद राशन कार्ड सरेंडर करने का समय दिया गया है।

टिहरी: आठ सौ ने किए सरेंडर अभी और होंगे 

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से फर्जी और अपात्र राशन कार्ड धारकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अभी तक जिले में 874 कार्ड धारकों ने अपने राशन कार्ड खाद्यान्न विभाग के पास सरेंडर कराएं हैं। विभाग को उम्मीद है, कि राशन कार्ड जमा कराने की अंतिम तिथि तक अभी और राशन कार्ड जमा कराए जाने की उम्मीद है। टिहरी जिले में एपीएल के 134, प्राथमिक परिवार के 529 और अंत्योदय के 211 राशन कार्ड विभाग के पास जमा कराए गए हैं। डीएसओ अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि पात्र और अपात्र राशन कार्ड धारक की जानकारी देने के लिए प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। 

पौड़ी : विधायक ने भी सरेंडर किया राशन कार्ड 

जनपद पौड़ी में अभी तक अपात्र राशन कार्ड धारको में 2577 ने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं, जिनकी कुल 10 हजार 375 यूनिट है। यहां सबसे ज्यादा कोटद्वार क्षेत्र में कार्ड सरेंडर हुए हैं। विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी ने सबसे पहले अपना राशन कार्ड सरेंडर किया था। डीएसओ पौड़ी केएस कोहली ने बताया कि जिले में अंत्योदय योजना के तहत 341, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के सबसे ज्यादा 1404 और राज्य खाद्य योजना के 832 राशन कार्ड सरेंडर हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार के इस कदम से पात्र लोगों को समय से राशन मिल सकेगा।

रुद्रप्रयाग : स्वेच्छा से लोग सरेंडर कर रहे राशन कार्ड 

जनपद में विभिन्न योजनाओं के तहत 233 राशन कार्ड सरेंडर हुए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी मनोज डोभाल ने बताया कि प्राथमिक परिवार श्रेणी में 140, अंतोदय परिवार श्रेणी में 33 और राज्य खाद्य योजना में 60 राशन कार्ड स्वेच्छा से सरेंडर हुए हैं। उन्होंने बताया कि 31 मई तक अभियान चल रहा है। उपभोक्ता अजय सिंह, सुरेंद्र सिंह, नरेंद्र लाल, मासंती देवी का कहना है कि कुछ लोग स्वेच्छा से अपना राशन कार्ड सरेंडर कर रहे हैं, लेकिन अब भी कई कार्ड धारक ऐसे हैं, जो अच्छी आमदनी के बावजूद अंत्योदय योजना का लाभ ले रहे हैं

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बागेश्वर : 204 लोगों ने सरेंडर किए कार्ड

जिले में अब तक 204 लोगों ने अपने अंत्योदय और बीपीएल राशन कार्ड सरेंडर करवाए हैं। एसडीएम हरगिरि ने कहा कि राशन कार्ड के मानकों की जानकारी सोशल मीडिया, ग्राम सभा की खुली बैठक, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, पटवारी, पूर्ति निरीक्षकों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जा रही है। सभी राशन की दुकानों और पूर्ति कार्यालय के बाहर भी लिस्ट चस्पा की गई है। सवाल संगठन के अध्यक्ष रमेश पांडेय कृषक का कहना है कि मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पात्र और अपात्र को लेकर सार्वजनिक बयान जारी करना चाहिए। कार्ड की पात्रता को लेकर वर्तमान में असमंजस की स्थिति बनी है।
 
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