{"_id":"6a280af2c44e39455209632f","slug":"vikasnagar-news-deer-found-injured-on-ballupur-paonta-four-lane-road-passengers-caught-2026-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Vikasnagar: बल्लूपुर-पांवटा फोरलेन पर घायल अवस्था में मिला हिरन, राहगीरों ने वन विभाग को सौंपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Vikasnagar: बल्लूपुर-पांवटा फोरलेन पर घायल अवस्था में मिला हिरन, राहगीरों ने वन विभाग को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी, विकासनगर (देहरादून)
Published by: Alka Tyagi
Updated Tue, 09 Jun 2026 06:20 PM IST
विज्ञापन
सार
ग्राम कुंजा के पास एक हिरन बल्लूपुर-पांवटा फोरलेन पर आवाजाही कर रहे वाहन सवाराें को दिखाई दिया। हिरन के घायल होने के कारण वाहन सवारों ने अपने वाहन रोककर उसे पकड़ लिया।
बल्लूपुर-पांवटा फोरलेन पर मिला घायल हिरन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
बल्लूपुर-पांवटा फोरलेन पर एक घायल हिरन के आ जाने से क्षेत्र में कौतुहल की स्थिति उत्पन्न हो गई। मार्ग पर चल रहे वाहन सवारों ने अपने वाहन रोककर हिरन को अपने कब्जे में करके घटना की सूचना वन विभाग को दी। सूचना पाते ही मौके पर पहुंची विभाग की टीम ने हिरन को अपने कब्जे में ले लिया। घायल हिरन का उपचार किया जा रहा है।
घटनाक्रम के मुताबिक, मंगलवार की दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे ग्राम कुंजा के पास एक हिरन बल्लूपुर-पांवटा फोरलेन पर आवाजाही कर रहे वाहन सवाराें को दिखाई दिया। हिरन के घायल होने के कारण वाहन सवारों ने अपने वाहन रोककर उसे पकड़ लिया और उन्होंने इस दौरान मौके पर एकत्रित हुए ग्रामीणों के माध्यम से वन विभाग को घटना की सूचना प्रेषित कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Pauri News: बाडयू गांव में घास लेने गई महिला को गुलदार ने मार डाला, घसीटते हुए खंडहर में ले गया
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची विभाग की टीम ने हिरन को अपने कब्जे में लेकर उसका उपचार शुरू कर दिया। रेंजर पंकज ध्यानी ने बताया घायल हिरन काकड़ प्रजाति का है जो जंगल से गांव की ओर आ गया होगा। उन्होंने बताया प्रथम दृष्टया बाग व खेतों में लगाए जाने वाले कंटीले तार में उलझकर उसके घायल होने की संभावना प्रतीत हो रही है। हिरन को उपचार के बाद सुरक्षित तरीके से आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।