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Gurugram News: बंदियों के आश्रित परिवारों को मिलेगी बहुआयामी सहायता
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की स्पृहा योजना-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य जेल में बंद व्यक्तियों के आश्रित परिवारों को विधिक, सामाजिक, शैक्षिक, मनोवैज्ञानिक और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है।
यह अभियान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डीएलएसए नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव डीएलएसए निशा के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। डीएलएसए अधिकारियों के अनुसार योजना के तहत जेल प्रशासन के सहयोग से ऐसे बंदियों की पहचान की जा रही है, जिनके परिवार आर्थिक कठिनाइयों, बच्चों की शिक्षा में व्यवधान, सामाजिक उपेक्षा, मानसिक तनाव या सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होने जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। पात्र परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सहायता सेवाओं से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा ने कहा कि न्याय तक पहुंच केवल अदालतों तक सीमित नहीं है। कारावास में बंद व्यक्तियों के निर्दोष परिवारजन भी सम्मानजनक जीवन और अपने अधिकारों के संरक्षण के हकदार हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं से योजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग करने की अपील की।
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गुरुग्राम। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की स्पृहा योजना-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य जेल में बंद व्यक्तियों के आश्रित परिवारों को विधिक, सामाजिक, शैक्षिक, मनोवैज्ञानिक और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है।
यह अभियान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डीएलएसए नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव डीएलएसए निशा के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। डीएलएसए अधिकारियों के अनुसार योजना के तहत जेल प्रशासन के सहयोग से ऐसे बंदियों की पहचान की जा रही है, जिनके परिवार आर्थिक कठिनाइयों, बच्चों की शिक्षा में व्यवधान, सामाजिक उपेक्षा, मानसिक तनाव या सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होने जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। पात्र परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सहायता सेवाओं से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा ने कहा कि न्याय तक पहुंच केवल अदालतों तक सीमित नहीं है। कारावास में बंद व्यक्तियों के निर्दोष परिवारजन भी सम्मानजनक जीवन और अपने अधिकारों के संरक्षण के हकदार हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं से योजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग करने की अपील की।