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एनआईटी क्षेत्र के आवासीय क्षेत्रों से हटाए जाएंगे मोबाइल टावर

ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Tue, 11 Oct 2016 12:27 AM IST
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mobile towers will be removed from residential colonies in faridabad
मोबाइल टॉवर
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एनआईटी क्षेत्र के विभिन्न आवासीय क्षेत्रों में चल रहे मोबाइल टावर सील किए जाएंगे। इसके पहले सभी सर्विस प्रोवाइडरों के साथ निगम बैठक कर उन्हें इस बात की जानकारी देगा। साथ ही टॉवरों को हटाने के लिए एक हफ्ते का समय भी दिया जाएगा।



समय सीमा समाप्त होने के बाद पुलिस के सहयोग से सभी मोबाइल टॉवरों को सील कर दिया जाएगा। निगम को बड़ी संख्या में इस संबंध में शिकायतें मिल रही हैं। सीएम विंडो पर भी 15 से अधिक शिकायतें टॉवर हटाने को लेकर की जा चुकी हैं। इस बात की पुष्टि संयुक्त आयुक्त एनआईटी भारत भूषण गोगिया ने दी।
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उन्होंने बताया कि सोमवार को बड़ी संख्या में लोग उनके कार्यालय में आए हुए थे। इनमें कई ऐसे थे, जो सीएम विंडो पर टावर हटाने की शिकायत कर चुके हैं। ज्यादातर लोग एसजीएम नगर, चाचा चौक, संजय कॉलोनी, डबुआ कॉलोनी और जवाहर कॉलोनी आदि के थे।
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उनका कहना था कि दबंग लोगों ने आवासीय क्षेत्रों में टावर लगा रखा है। उससे निकलने वाली तरंगों के चलते लोग कैंसर और ह्दय रोग संबंधी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। छोटे बच्चों स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

संयुक्त आयुक्त ने बताया कि आगामी बृहस्पतिवार को मोबाइल सर्विस प्रोवाइडरों को बुलाकर उनके साथ बैठक की जाएगी और उन्हें इस बाबत निर्देश दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि वैसे तो ज्यादातर लोगों को टॉवर लगाने की अनुमति नगर निगम प्रशासन ने दे रखी है लेकिन अब उन्हें चेक किया जाएगा कि वह सरकार की गाइडलाइन के अनुसार हैं या नहीं। संयुक्त आयुक्त को आदेश रिवाइज करने का भी अधिकार है। एक शिकायतकर्ता केपी सिंह ने बताया कि टावर के कारण ही वह ह्दय रोग के शिकार हो गए।

150 से अधिक टावर हैं अवैध:
अकेले एनआईअी क्षेत्र में आवासीय, व्यवसायिक तथा औद्योगिक क्षेत्रों में कुल 224 मोबाइल टॉवर लगाए गए हैं। इनमें से 150 से अधिक टॉवर अकेले आवासीय क्षेत्रों में हैं। उक्त टावरों को लगाने के लिए नगर निगम ने करीब 112 लाख रुपये शुल्क वसूल किया था। बाद में 20 हजार रुपये प्रति टावर की दर से निगम को शुल्क वसूलने का अधिकार था, लेकिन वर्ष 2013 में सरकार ने शुल्क माफ कर दिया था। इसके बाद अब निगम को टावरों से कोई लाभ नहीं मिलता।

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