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Noida News: अब किताबें भी होंगी स्मार्ट, नोएडा में बनेंगी हाई-टेक डिजिटल लाइब्रेरी
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- सेक्टर-44 और 52 में बनेंगी डिजिटल लाइब्रेरी, प्राधिकरण ने ड्राइंग-डिजाइन तैयार की
- 10 करोड़ रुपये आएगी एक लाइब्रेरी निर्माण में लागत
-छात्रों को बैठकर पढ़ाई करने के लिए शांत जगह मिलेगी
- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संसाधन भी होंगे मौजूद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर के सेक्टर-44 और 52 में डिजिटल लाइब्रेरी बनेंगी। दोनों ही लाइब्रेरी की इमारतों की ड्राइंग-डिजाइन नोएडा प्राधिकरण ने तैयार कर ली है। एक लाइब्रेरी के लिए इमारत के निर्माण, किताबें, कंप्यूटर सेक्शन समेत अन्य संसाधन उपलब्ध कराने में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है। आगे टेंडर कर प्राधिकरण दोनों लाइब्रेरी निर्माण के लिए एजेंसी का चयन करेगा। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि लाइब्रेरी शासन के निर्देश पर बनाई जा रही हैं। सेक्टर-44 में लाइब्रेरी के लिए सी-113 ए व सेक्टर-52 में फैसेलिटी के प्लॉट बी-195 को चिन्हत किया गया है। जल्द टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।
चार मंजिल की बनेगी इमारत: प्राधिकरण की तरफ से तैयार करवाई गई डिजाइन में करीब 3-3 हजार वर्ग मीटर पर दोनों लाइब्रेरी की इमारत बनवाने का प्रारूप तैयार किया गया है। योजना के मुताबिक, यह लाइब्रेरी भूतल (ग्राउंड फ्लोर) के साथ चार मंजिला ऊंची होंगी। 300 छात्रों के बैठने की क्षमता होगी। सेक्टर-52 की लाइब्रेरी का निर्माण वर्क सर्कल-4 और सेक्टर-44 की लाइब्रेरी का निर्माण वर्क सर्कल-3 करवाएगा।
निशुल्क मिलेंगी सुविधाएं, कंप्यूटर सेक्शन भी होगा अलग : लाइब्रेरी में किताबों के साथ 12 वीं के बाद की सभी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। डिजिटल लाइब्रेरी में छात्रों को किताबों के साथ-साथ एक अलग कंप्यूटर सेक्शन भी मिलेगा। यहां इंटरनेट और डिजिटल सामग्री की सुविधा उपलब्ध कराई जाएंगी।
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निजी लाइब्रेरी के खर्च से मिलेगी राहत: शहर में छोटे मकानों खासकर किराये पर रहने वाले परिवारों के बच्चों के लिए पढ़ाई के लिए शांत माहौल घर में नहीं मिल पा रहा है। छोटा फ्लैट होने पर भी यह समस्या बनी रहती है। इसके चलते छात्रों में ''सेल्फ-स्टडी लाइब्रेरी कल्चर'' या ''रीडिंग रूम ट्रेंड'' तेजी से बढ़ा है। घर पर पढ़ाई का माहौल न मिलने के कारण हजारों छात्र सेक्टर-15, 22, 62 और एक्सप्रेसवे के पास खुली निजी लाइब्रेरी में जाते हैं।
दो डिजिटल लाइब्रेरी बनवाने का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। सेक्टर-44 और 52 में लाइब्रेरी के लिए जगह चिन्हित हुई है। ड्राइंग-डिजाइन के साथ लागत का आकलन हो गया है।
- एसपी सिंह, जीएम, नोएडा प्राधिकरण।
- 10 करोड़ रुपये आएगी एक लाइब्रेरी निर्माण में लागत
-छात्रों को बैठकर पढ़ाई करने के लिए शांत जगह मिलेगी
- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संसाधन भी होंगे मौजूद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर के सेक्टर-44 और 52 में डिजिटल लाइब्रेरी बनेंगी। दोनों ही लाइब्रेरी की इमारतों की ड्राइंग-डिजाइन नोएडा प्राधिकरण ने तैयार कर ली है। एक लाइब्रेरी के लिए इमारत के निर्माण, किताबें, कंप्यूटर सेक्शन समेत अन्य संसाधन उपलब्ध कराने में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है। आगे टेंडर कर प्राधिकरण दोनों लाइब्रेरी निर्माण के लिए एजेंसी का चयन करेगा। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि लाइब्रेरी शासन के निर्देश पर बनाई जा रही हैं। सेक्टर-44 में लाइब्रेरी के लिए सी-113 ए व सेक्टर-52 में फैसेलिटी के प्लॉट बी-195 को चिन्हत किया गया है। जल्द टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।
चार मंजिल की बनेगी इमारत: प्राधिकरण की तरफ से तैयार करवाई गई डिजाइन में करीब 3-3 हजार वर्ग मीटर पर दोनों लाइब्रेरी की इमारत बनवाने का प्रारूप तैयार किया गया है। योजना के मुताबिक, यह लाइब्रेरी भूतल (ग्राउंड फ्लोर) के साथ चार मंजिला ऊंची होंगी। 300 छात्रों के बैठने की क्षमता होगी। सेक्टर-52 की लाइब्रेरी का निर्माण वर्क सर्कल-4 और सेक्टर-44 की लाइब्रेरी का निर्माण वर्क सर्कल-3 करवाएगा।
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निशुल्क मिलेंगी सुविधाएं, कंप्यूटर सेक्शन भी होगा अलग : लाइब्रेरी में किताबों के साथ 12 वीं के बाद की सभी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। डिजिटल लाइब्रेरी में छात्रों को किताबों के साथ-साथ एक अलग कंप्यूटर सेक्शन भी मिलेगा। यहां इंटरनेट और डिजिटल सामग्री की सुविधा उपलब्ध कराई जाएंगी।
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दो डिजिटल लाइब्रेरी बनवाने का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। सेक्टर-44 और 52 में लाइब्रेरी के लिए जगह चिन्हित हुई है। ड्राइंग-डिजाइन के साथ लागत का आकलन हो गया है।
- एसपी सिंह, जीएम, नोएडा प्राधिकरण।