सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Nyaya Murthy Bal Krishna Narayan became the chairman of the Uttar Pradesh State Human Rights Commission

यूपी: जस्टिस बीके नारायण बने राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष, आरुषि हत्याकांड में सुनाया था ऐतिहासिक फैसला

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 05 Jun 2021 01:04 AM IST
विज्ञापन
सार

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की ओर से जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार उनकी नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने से तीन वर्ष तक या 70 वर्ष की आयु में से जो पहले हो तक के लिए की गई है।

Nyaya Murthy Bal Krishna Narayan became the chairman of the Uttar Pradesh State Human Rights Commission
जस्टिस बीके नारायण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश रहे जस्टिस बीके नारायण को उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की ओर से जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार उनकी नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने से तीन वर्ष तक या 70 वर्ष की आयु में से जो पहले हो तक के लिए की गई है। गौरतलब है कि न्यायमूर्ति बालकृष्ण नारायण 12 वर्षों के सफल कार्यकाल के बाद पिछले साल जुलाई में इलाहाबाद हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त हुए हैं।
Trending Videos


मालूम हो कि बाल कृष्णा नारायण ने देश के सबसे चर्चित मुकदमों में से एक आरुषि हत्याकांड का फैसला सुनाया था। उन्होंने इस मामले में फैसला सुनाते हुए आरुषि के माता-पिता तलवार दंपत्ति की रिहाई का आदेश दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन

अधिवक्ता संघ ने की कोर्ट में सीधी सुनवाई की मांग

प्रयागराज जिला अधिवक्ता संघ ने नियमित कोर्ट में सीधी सुनवाई किए जाने की मांग की है। संघ ने कहा है कि वर्चुअल सुनवाई में अधिवक्ताओं को बहुत परेशानी हो रही है। नेट सहित कई समस्याएं आ रही हैं।

जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राधा रमण मिश्र ने प्रशासनिक न्यायमूर्ति और जिला जज से मांग की है कि जिला न्यायालय में वर्चुअल कोर्ट की जगह नियमित कोर्ट में सीधी सुनवाई की जाए। अध्यक्ष का कहना है कि ऑनलाइन के माध्यम से जमानत प्रार्थना पत्रों की हो रही सुनवाई में अधिवक्ताओं को परेशानी हो रही है। इंटरनेट की समस्या, ऑनलाइन फाइलिंग में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। जिससे ठीक तरह से जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। अधिवक्ताओं की मांग है कि नियमित अदालत में सीधी सुनवाई की व्यवस्था की जाए।

अधिवक्ता संघ का कहना है कि कोविड-19 का प्रभाव जिले में कम हो गया है और लॉकडाउन भी समाप्त हो गया है। स्थिति सामान्य होती जा रही है लिहाजा नियमित कोर्ट में सीधी सुनवाई  होनी चाहिए। इस संबंध में उन्होंने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, प्रशासनिक न्यायमूर्ति, जिला जज को पत्र लिखकर सीधी सुनवाई  शुरू किए जाने का आग्रह किया है।

कचहरी में वैक्सीनेशन की मांग
प्रयागराज। जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं ने कचहरी में वकीलों को वैक्सीन लगाए लगाए जाने की मांग की है। अधिवक्ता संघ के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुश पांडे ने जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मांग की है कि जनपद न्यायालय परिसर में विशेष कैंप के द्वारा वकीलों को वैक्सीन लगाए जाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की तरह जनपद न्यायालय परिसर में भी वैक्सीन लगाए जाने की व्यवस्था किए जाने से वकीलों को सुविधा होगी और एक ही जगह सबको वैक्सीन लग जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed