सीबीएसई बोर्ड रिजल्ट और दिल्ली : नतीजों में सुधार, अब तीसरे स्थान पर पहुंच गई है राजधानी
- कुल 875 स्कूलों का परिणाम 100 फीसदी, 99.96 फीसदी छात्रों ने पास की परीक्षा
- नहीं आया 65 हजार से अधिक बच्चों का परिणाम, 5 अगस्त को आएगा
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विस्तार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) के दिल्ली रीजन के परिणामों में राजधानी में पिछले वर्ष के मुकाबले बेहतर स्थिति हुई है। यहां का कुल परिणाम 99.96 रहा जो बीते वर्ष के मुकाबले 2.04 फीसदी अधिक है। पिछले वर्ष कुल 97.92 फीसदी छात्रों ने परीक्षा पास की थी। इस कड़ी में दिल्ली ने देशभर में तीसरे पायदान पर जगह बनाई है, जबकि पिछले वर्ष दिल्ली का चौथा स्थान था। पिछले चार सालों के भीतर दिल्ली में अपने परिणामों में 9.32 फीसदी की बढ़ोतरी की है।
इस बार दिल्ली ईस्ट और दिल्ली वेस्ट का परिणाम 99.84 फीसदी रहा है। पिछली बार दिल्ली को वेस्ट और ईस्ट दो भागों में विभाजित कर अलग-अलग परिणाम जारी किया गया था। दिल्ली वेस्ट का परिणाम 94.61 फीसदी व दिल्ली ईस्ट का 94.24 फीसदी रहा था। इसमें दिल्ली ईस्ट में सरकारी स्कूलों का कुल पास फीसदी 97.68 रहा था। वहीं, दिल्ली वेस्ट में सरकारी स्कूलों का कुल परिणाम 97. 91 फीसदी रहा था। इस बार दिल्ली में 909 स्कूलों का परिणाम जारी किया गया है। वहीं, अन्य कारणों की वजह से 13 स्कूलों के परिणाम जारी नहीं हुए हैं। इसे लेकर सीबीएसई ने पांच अगस्त तक स्कूलों के परिणाम जारी करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ने ट्वीट कर दी बधाई
दिल्ली के बेहतर परिणाम को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर दिल्ली को बधाई दी है।
केजरीवाल ने ट्वीट किया कि दिल्ली में इस बार 99.96 फीसदी पास प्रतिशत रहा है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 97.92 फीसदी था। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि दिल्ली में पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार 875 स्कूलों का 100 फीसदी परिणाम रहा है, जबकि पिछले वर्ष यह 396 था। पिछले वर्ष 442 छात्रों के मुकाबले इस बार 885 छात्रों ने 95 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।
ॉउपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केजरीवाल के ट्वीट को रिट्वीट कर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बेहतर परिणाम के लिए बधाई दी है। वहीं, शिक्षा निदेशक उदित प्रकाश ने भी दिल्ली के 875 स्कूलों के 99.96 फीसदी परिणामों को लेकर बधाई दी है। उन्होंने इसे छात्रों व स्कूलों के लिए गर्व करने का एक और कारण बताया है।
कक्षा 12वीं के दिल्ली से जुड़े आंकड़े
- दिल्ली सरकार के 909 स्कूलों का परिणाम हुआ जारी
- 13 स्कूलों के नहीं जारी हुए परिणाम
- 1,58,640 छात्रों के परिणाम जारी
- 1,58,571 छात्र हुए पास
- पांच छात्र हुए फेल
- 64 छात्रों की आई कंपार्टमेंट
- 99.96 फीसदी छात्रों ने पास की परीक्षा
- कुल 875 स्कूलों का 100 फीसदी परिणाम
- गुणवत्ता सूचकांक-350.76
- 885 छात्रों ने 95 फीसदी से अधिक प्राप्त किए अंक
इस तरह बढ़ा दिल्ली सरकार के स्कूलों का 100 फीसदी परिणाम
2016-130
2017-112
2018-168
2019-203
2020-396
2021-875
इस तरह बढ़ा कक्षा 12वीं का गुणवत्ता सूचकांक
वर्ष पास फीसदी गुणवत्ता सूचकांक
2018 90.64 291.3
2019 94.24 306.5
2020 97.92 341.8
2021 99.96 350.8
नहीं आया 65 हजार से अधिक बच्चों का परिणाम, 5 अगस्त को आएगा
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) की 12वीं परीक्षा में 60 हजार से अधिक छात्रों का परिणाम को लेकर इंतजार खत्म नहीं हुआ है। आगामी पांच अगस्त तक 65,184 छात्रों का परिणाम घोषित किया जाएगा। स्कूलों की ओर से टेबुलेशन व मॉडरेशन की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण छात्रों का परिणाम जारी नहीं किया गया है।
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के मुताबिक, 1060 स्कूलों का परिणाम अभी जारी नहीं हुआ है। स्कूलों की ओर से बोर्ड को रेफरेंस नंबर प्राप्त नहीं होने के कारण ऐसे छात्रों को देरी से परिणाम वाली श्रेणी में रखा गया है। उन्होंने बताया कि सीबीएसई इस बार छात्रों को अलग-अलग अंक व प्रमाण पत्र देने के बजाय संयुक्त अंक प्रमाण पत्र जारी करेगा।
कहीं रिजल्ट सुधारने के लिए स्कूलों ने तो नहीं बांटे अंक
सीबीएसई के बारहवीं के रिजल्ट में आए उछाल के साथ ही मॉडरेशन पॉलिसी पर सवाल उठने लगे हैं। शिक्षाविदें का कहना है कि बगैर परीक्षा के इतने बड़े पैमाने पर हुआ उलटफेर स्कूलों के अपने प्रदर्शन को सुधारने का एक कोशिश भी हो सकती है। इसी वजह से पिछले साल की तुलना में 10.59 व कोविड से पहले 2019 की परीक्षा से करीब 16 फीसदी रिजल्ट में उछाल आया है। इसका नतीजा विवि केदाखिलों पर पड़ेगा।
हालांकि सीबीएसई का मानना है कि फेल होने वाले व कंपार्टमेंट वाले विद्यार्थियों की संख्या कम हुई। वहीं मॉडरेशन पॉलिसी पर उठ रहे सवालों को भी बोर्ड नकार रहा है। सीबीएसई अधिकारियों का कहना है कि फेल व कंपार्टमेंट वालों की संख्या कम हुई है। इस कारण से पास होने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई। वहीं बीते साल की तुलना में विद्यार्थियों की संख्या भी अधिक थी। स्कूलों ने एक-एक अंक देकर भी विद्यार्थियों को बढ़ाया है। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा कि यह नहीं कह सकते कि स्कूलों ने अंक बांटे हैं क्योंकि हमने मॉडरेशन के लिए कैपिंग लगाई थी। वहीं स्कूलों ने लगातार मू्ल्यांकन करने का काम भी किया है।
परिणाम से पहले मीम से हल्का किया छात्रों का मूड
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शुक्रवार को ट्वीटर पर अनोखे अंदाज में 12वीं के नतीजे जारी करने की घोषणा की। बोर्ड ने 90 के दशक की मशहूर फिल्म दिल वाले दुल्हनिया ले जांएगे का एक सीन इस्तेमाल करते हुए बच्चों को तनाव कम करने का प्रयास किया। उक्त सीन का मीम बनाते हुए बोर्ड ने लिखा कि आखिर वो दिन आ ही गया। इस पर हजारों छात्रों ने बोर्ड के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए पसंद किया।
सीबीएसई ने ट्वीटर पर दोपहर दो बजे तक परिणाम जारी करने की घोषणा की थी। इसके लिए सीबीएसई ने दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे में फिल्माए गए दिवंगत अभिनेता अमरीश पुरी और फरीदा जलाल द्वारा पूजा करते हुए सीन का मीम बनाया। छात्रों ने रीट्वीट करते हुए सीबीएसई के इस प्रयास की सराहना की। एक छात्रा अकांक्षा ने लिखा कि बोर्ड परिणाम जारी करने को लेकर अच्छा प्रयास कर रहा है।
बोर्ड को प्राइवेट व पत्राचार विद्यार्थियों के लिए भी सोचना चाहिए। एक अन्य छात्र एनी ने लिखा कि सीबीएसई भी छात्रों के लिए स्वैगी हो गया है, उन्होंने बोर्ड को मीम वाला सीबीएसई बताया। वहीं, परिणाम को लेकर कुछ छात्रों ने मजाकिया अंदाज में कमेंट करते हुए लिखा कि अब सीबीएसई की वेबसाइट के क्रैश होने का समय आ गया है। कुछ छात्रों ने कमेंट में सीबीएसई से 10वीं के नतीजों को लेकर भी तस्वीर स्पष्ट करने का अनुरोध किया। सागर कुमार झा ने लिखा कि 10वीं वालों का दिन कब आएगा। अभी तक परिणाम आने तक की तिथि घोषित नहीं हुई है।
60 हजार से अधिक प्राइवेट व पत्राचार छात्रों की होगी 16 अगस्त से परीक्षा
सीबीएसई ने प्राइवेट व पत्राचार छात्रों के लिए भी परीक्षा की तिथि की घोषणा कर दी है। बोर्ड के मुताबिक, 60,443 छात्रों की परीक्षा 16 अगस्त से लेकर 15 सितंबर तक ली जाएगी। इसके बाद परिणाम की तिथि की घोषणा होगी। उल्लेखनीय है कि प्राइवेट व पत्राचार वाले छात्र लंबे समय से परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे थे। इसे लेकर छात्रों ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए गत दिनों कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। साथ ही अपनी मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन भी कर रहे थे। वहीं, सीबीएसई का कहना था कि छात्रों का पिछला रिकॉर्ड नहीं होने के कारण परिणाम को जारी नहीं किया जा सकता है। ऐसे में परिणाम के लिए छात्रों की परीक्षा लेना जरूरी है।