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CBSE: केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री का आरोप, कहा- सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली में बरती जा रही है लापरवाही

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Shahin Praveen Updated Sun, 24 May 2026 01:54 PM IST
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सार

Kerala General Education Minister: केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने सीबीएसई की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि मूल्यांकन में लापरवाही बरती जा रही है। राज्य सरकार ने इस मामले में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग करने की बात कही है।

Kerala General Education Minister alleges ''carelessness'' in CBSE evaluation system
CBSE Board - फोटो : Official Website
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विस्तार

CBSE Evaluation System: केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने सीबीएसई पर उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस वजह से छात्रों को परेशानी हो रही है। राज्य सरकार ने इस मामले में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने और छात्रों की समस्याओं को जल्द हल करने की अपील करने की बात कही है।

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टीवी चैनल से बातचीत में शमसुद्दीन ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र से पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया की तारीख बढ़ाने का आग्रह करेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीबीएसई द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बरती गई लापरवाही का छात्रों के भविष्य पर गंभीर असर पड़ सकता है, "लेकिन बोर्ड इसे समझता नहीं है"।

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मंत्री ने बताया कि 1 जून को स्कूल खुलने से पहले सरकारी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता को लेकर कुछ दिक्कतें आई थीं। उन्होंने कहा कि किताबों की छपाई में थोड़ी रुकावट थी, लेकिन अब यह काम लगभग पूरा हो चुका है। सरकार ने इस पर पूरा ध्यान दिया है और अब सभी छपी हुई किताबें पुस्तक डिपो में भेजी जा रही हैं, ताकि समय पर बच्चों को मिल सकें।
 
शमसुद्दीन ने कहा, "केरल बुक्स एंड पब्लिकेशन सोसाइटी (केबीपीएस) ने सरकार को आश्वासन दिया है कि सभी पाठ्यपुस्तकें 30 मई को या उससे पहले सभी स्कूलों तक पहुंच जाएंगी।" उन्होंने आगे कहा, "हम इस प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं। हमें पूरा विश्वास है कि 1 जून को नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में सभी कक्षाओं के लिए आवश्यक सभी पुस्तकें स्कूलों के खुलने से पहले उपलब्ध होंगी।"

पाठ्यपुस्तक वितरण और कक्षा 11 में सीटों की कमी पर सरकार का बयान

पिछले सप्ताह केरल बुक्स एंड पब्लिकेशन सोसाइटी (KBPS) के कर्मचारी संघ के अध्यक्ष के.के. इब्राहिमकुट्टी ने कहा था कि कक्षा 6 से 8 तक की पाठ्यपुस्तकों को तैयार होकर वितरण के लिए उपलब्ध होने में लगभग 45 दिन और लग सकते हैं।

वहीं, राज्य के मालाबार क्षेत्र में कक्षा 11 के छात्रों के लिए सीटों की कमी के मुद्दे पर सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने कहा कि इस समस्या का फिलहाल समाधान अतिरिक्त बैच बनाकर किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सरकार इस समस्या के दीर्घकालिक समाधान पर भी काम कर रही है। यह समस्या मुख्य रूप से मलप्पुरम, पलक्कड़ और मालाबार क्षेत्र के कुछ अन्य जिलों में देखी जा रही है। मंत्री ने यह भी बताया कि पहले से ही 350 अतिरिक्त बैच तैयार हैं, जिनका हर साल रखरखाव किया जाता है।

पीएम श्री योजना पर सरकार का रुख

उन्होंने कहा, "इस बार हमने अतिरिक्त बैचों में मामूली वृद्धि करने और उसके माध्यम से प्रारंभिक आवंटन करने का निर्णय लिया है। इसके बावजूद, यदि सीटों की कमी होती है, तो अतिरिक्त बैच देना ही एकमात्र विकल्प होगा, खासकर सरकार के पास समय की कमी को देखते हुए।" उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और अन्य हितधारकों के साथ चर्चा के बाद इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान निकाला जाएगा।

प्रधानमंत्री श्री (PM SHRI) योजना को लेकर, जिस पर पिछली वामपंथी लोकतांत्रिक सरकार ने समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे, केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने कहा कि सरकार को इस बात पर विचार करना होगा कि शिक्षा व्यवस्था को लेकर वामपंथी सरकार के विरोध के बीच आगे क्या कदम उठाए जाएं।

 

उन्होंने कहा, “समस्या यह है कि पिछली सरकार ने केंद्र सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए और केंद्र से धनराशि प्राप्त की। बाद में, वामपंथी सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर योजना के कार्यान्वयन को स्थगित करने का अनुरोध किया।” उन्होंने आगे कहा, “इसलिए, हमें मुख्यमंत्री और वामपंथी लोकतांत्रिक सरकार के साथ चर्चा के बाद यह तय करना होगा कि सरकार का क्या रुख है। हमें यह भी देखना होगा कि क्या हम समझौता ज्ञापन से पीछे हट सकते हैं, क्योंकि राज्य को केंद्र से धनराशि प्राप्त हो चुकी है।”
 
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