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धान के दामों को लेकर बिफरे किसानों ने हाइवे जाम किया
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sat, 05 Nov 2016 12:23 AM IST
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नेशनल हाइवे पर जाम के चलते फंसे हुए वाहन ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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धान के कम दामों को लेकर शुक्रवार को किसान और व्यापारी आमने-सामने भिड़ गए। 1121 किस्म के भाव कम मिलने से किसानों ने उग्र विरोध जताया तो व्यापारियों को मौके से भागना पड़ा। आरोप है कि किसानों ने खरीददारों पर जैली से हमले का प्रयास किया। बात यही नहीं रुकी, उग्र किसान नारेबाजी करते हुए लालबत्ती चौक पर पहुंचे और जाम लगा दिया। मौके पर सिटी एसएचओ दिनेश ने किसानों को समझाया और मंडी ले आए। जहां पर खरीद एजेंसियों के व्यापारियों ने धान की खरीद करने से स्पष्ट इंकार कर दिया।
सभी व्यापारियों का एक सुर में कहना था कि जब तक दोषी किसानों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक धान नहीं खरीदेंगे। देर शाम तक व्यापार मंडल, खरीद एजेंसियों और एसडीएम के बीच वार्ता चलती रही। एसडीएम ने व्यापार मंडल को आरोपी किसान के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत देने को कहा। शुक्रवार सुबह अनाजमंडी की दुकान नंबर 40 के बाहर कुछ निजी खरीददार 1121 किस्म के धान की खरीद कर रहे थे। जहां पर एक धान की ढेरी का मोल तकरीबन 1800 रुपये प्रति क्विंटल बोला गया, तो वहां किसान भड़क गए और उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि वीरवार को 1121 किस्म धान का रेट 2300 रुपये से भी अधिक था तो शुक्रवार को धान के भाव कम क्यों। किसानों ने व्यापारियों पर एकाधिकार का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करनी शुरू कर दी।
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कुछ व्यापारियों का तो यहां तक भी आरोप है कि धान की ढेरी में नमी थी, जब उसके भाव लगाए गए तो किसानों ने जैली लेकर खरीद कर रहे कर्मचारियों पर हमले का प्रयास किया। इसके कारण खरीदकर्मियों ने मौके से एक दुकान में घुसकर अपनी जान बचाई। इस बीच गुस्साए किसान भी धान की खरीद बंद होने से लाल बत्ती चौक पर पहुंच गए और जाम लगा दिया। एसएचओ दिनेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर किसानों को मंडी में ले आए। यहां पर उन्होंने दोनों पक्षों को समझाते हुए कुछ अधिकारियों को खरीद एजेंसियों के अधिकारियों के पास वार्ता के लिए भेजा। हालांकि इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मार्केट कमेटी दफ्तर में ही डटे रहे।
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बैठक कर कार्रवाई की मांग की
अनाजमंडी में देवीदयाल तायल की दुकान पर खरीद एजेंसी के मालिकों और कर्मचारियों की बैठक हुई। इसमें व्यापार मंडल के प्रधान प्रेम मित्तल, सीटी ट्रेडर्स के संजय कुमार, जिंदल इंडस्ट्री, रामकुमार धर्मपाल, सुभाष मुंजाल, आरआर इंडस्ट्री आदि पक्के खरीददारों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जहां पर पुलिस प्रतिनिधि के सामने खरीद एजेंसी के अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक दोषी किसानों पर कार्रवाई नहीं होती, वे खरीद कार्य नहीं करेंगे। व्यापार मंडल के सचिव जगदीश भादू ने बताया कि जब कुछ व्यापारी धान खरीद रहे थे तो उग्र किसानों ने जैली लेकर उन्हें मारने का प्रयास किया और उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई।
आढ़तियों ने दी शिकायत
शुक्रवार सायं एसडीएम सतबीर जांगू ने मार्केट कमेटी कार्यालय में खरीद एजेंसी और व्यापारियों की बैठक बुलाई। व्यापारियों की बात सुनने के बाद एसडीएम जांगू ने कहा कि वे आरोपी किसान के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत दें। पता चला है कि लिखित शिकायत में खरीद के पक्के आढ़ती जिनमें परमेश्वरी दास, दीवानचंद-राजेंद्र कुमार, चिंरजीलाल-तरसेम चंद, आरआर इंडस्ट्री, सीताराम-मूलचंद व मंगला ट्रेडर्स ने अपने लेटरहेड पर थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।
पिछले साल के मुकाबले 75 हजार मीट्रिक टन ज्यादा धान की आवक
जिला की मंडियों में पिछले साल के मुकाबले अभी तक लगभग एक लाख 75 हजार मीट्रिक टन ज्यादा धान की आवक हुई है। अब तक जिला की मंडियों में पांच लाख 90 हजार 78 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 4 लाख 15 हजार 506 मीट्रिक टन धान की आवक हुई थी। इसके अतिरिक्त जिला की मंडियों से अभी तक 90 प्रतिशत धान का उठान भी किया जा चुका है। सरकारी आंकड़ों की मानें तो अभी भी मंडी में 30 हजार टन धान पड़ा है।
व्यापारियों को लिखित शिकायत देने को कहा है : एसडीएम
एसडीएम सतबीर जांगू ने कहा कि व्यापारियों और किसानों के बीच विवाद की सूचना मिली थी। व्यापारियों की शिकायत थी कि किसानों ने उन पर हमला किया है। व्यापारियों को कहा है कि जिससे शिकायत है, उसके खिलाफ लिखित शिकायत दें। कानून अनुसार कार्यवाही की जाएगी।