{"_id":"5765a5024f1c1bb26511f9e2","slug":"fathabad-road-road-constuction-nil-in-fathabad","type":"story","status":"publish","title_hn":"17 साल से शहर में न सड़कें बनीं न हुआ पैचवर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
17 साल से शहर में न सड़कें बनीं न हुआ पैचवर्क
fatehabad
Updated Sun, 19 Jun 2016 01:16 AM IST
विज्ञापन
कुंवर सिंह चौराहा से डीएम आवास तक जाने वाली जर्जर सड़क।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कहते हैं 12 साल बाद घूरे के दिन भी बदल जाते हैं, लेकिन फतेहाबाद शहर की सड़कों के लिए यह कहावत सही साबित नहीं हो रही। 17 साल पहले बनीं शहर की सड़कें जर्जर हालत में पहुंच गई हैं, लेकिन कोई इनकी सुध लेने वाला नहीं है। अधिकारी बजट का रोना रोते हैं तो विपक्ष और जनता सरकार को कोस रही है। खास बात है कि यहां की कालोनियों की गलियां तीन-तीन बार नई बना दी गईं, लेकिन वर्ष 1999 के बाद एक भी सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। इससे अधिक हैरानी इस बात की है कि 17 साल पहले बनी सड़कों पर पैचवर्क तक नहीं किया गया। इस बात को नगर परिषद के अधिकारी भी मानते हैं।
फतेहाबाद के मुख्य बाजार थाना रोड, जवाहर चौक, भीमा बस्ती रोड, डीएसपी रोड, पुरानी तहसील चौक, धर्मशाला रोड, भट्टू रोड, बीघड़ रोड सहित सभी सड़कें खस्ताहाल हैं। थोड़ी-थोड़ी दूरी के बीच सड़कों पर गड्ढे बने हुए हैं। गड्ढों में पानी जमा रहता है, जिससे वाहन रेंगकर निकलते हैं। आपात स्थिति में एंबुलेंस में मरीज को ले जाने में भी रिस्क है। इस बात को नगर परिषद के अधिकारी भी मानते हैं कि शहर में नई सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। इसके अलावा अधिकारियों को अभी टूटी-फूटी सड़कों पर पैचवर्क की जरूरत तक महसूस नहीं हुई है। परिषद के अधिकारी कहते हैं कि शहर में पेच लगाकर काम चला लिया जाएगा, क्योंकि परिषद के पास बजट की कमी है।
क्या कहते हैं दुकानदार
थाना रोड के दुकानदार रमेश कुमार ने बताया कि शाम के समय जब ग्राहक बाजार में आता है तो सड़क टूटी होने के कारण वाहन फंस जाते हैं। इसी तरह लीलाधर ने बताया कि बरसात के मौसम में यहां टूटी सड़कों में जलभराव हो जाएगा। चाहे दिन हो या शाम बरसात आते ही बाजार के दुकानदार दुकानें बंद कर घरों को चले जाते हैं क्योंकि ग्राहक आने के चांस नहीं होते। बीघड़ रोड के दुकानदार ईश सचदेवा ने बताया कि सड़क टूटी होने के कारण यहां कारें फंस जाती हैं। ऐसे में उनकी दुकानदारी ठप हो जाती है।
विज्ञापन
1999 के बाद शहर की सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। परिषद के पास बजट की भी कमी है। किसी सड़क की ज्यादा टूटी होने की बात आई तो वहां मुरम्मत करवा दी जाएगी। सीवर डालने के लिए सड़के खोदने के कारण सड़क ज्यादा कंडम हुई है।
सुखविंद्र धूड़िया, जेई नगर परिषद फतेहाबाद
भट्टू रोड की सड़क लोक निर्माण विभाग के अधीन पड़ती है। यह सड़क लालबती से लेकर एक किलोमीटर भट्टू रोड तक काफी जर्जर अवस्था में है। इसके टेंडर लगाए हुए हैं। जल्द ही इसका निर्माण शुरू हो जाएगा। बाकी सड़कें उनके अधीन नहीं आतीं।
सुभाष भांभू, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग फतेहाबाद
2004 तक इनेलो सरकार थी, तभी शहर का विकास करवाया गया था उसके बाद कांग्रेस सरकार और अब भाजपा सरकार है किसी ने भी शहरों के विकास की तरफ ध्यान नहीं दिया। सड़कों का मुद्दा मैंने विधानसभा में उठाया था। सरकार इस क्षेत्र के साथ भेदभाव कर रही है।
बलवान सिंह दौलतपुरिया, विधायक फतेहाबाद
बराला ने दिया आश्वासन
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि संबंधित विभाग के मंत्री से बात कर जिलेभर के शहरों की जो भी सड़कें टूटी हुई हैं, उनके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अगर इसके लिए सीएम के सामने मांगपत्र रखना पड़ा तो वो भी करेंगे। जिले के लोगों को टूटी सड़कों की वजह से परेशानी नहीं उठाने दी जाएगी।
फतेहाबाद के मुख्य बाजार थाना रोड, जवाहर चौक, भीमा बस्ती रोड, डीएसपी रोड, पुरानी तहसील चौक, धर्मशाला रोड, भट्टू रोड, बीघड़ रोड सहित सभी सड़कें खस्ताहाल हैं। थोड़ी-थोड़ी दूरी के बीच सड़कों पर गड्ढे बने हुए हैं। गड्ढों में पानी जमा रहता है, जिससे वाहन रेंगकर निकलते हैं। आपात स्थिति में एंबुलेंस में मरीज को ले जाने में भी रिस्क है। इस बात को नगर परिषद के अधिकारी भी मानते हैं कि शहर में नई सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। इसके अलावा अधिकारियों को अभी टूटी-फूटी सड़कों पर पैचवर्क की जरूरत तक महसूस नहीं हुई है। परिषद के अधिकारी कहते हैं कि शहर में पेच लगाकर काम चला लिया जाएगा, क्योंकि परिषद के पास बजट की कमी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या कहते हैं दुकानदार
थाना रोड के दुकानदार रमेश कुमार ने बताया कि शाम के समय जब ग्राहक बाजार में आता है तो सड़क टूटी होने के कारण वाहन फंस जाते हैं। इसी तरह लीलाधर ने बताया कि बरसात के मौसम में यहां टूटी सड़कों में जलभराव हो जाएगा। चाहे दिन हो या शाम बरसात आते ही बाजार के दुकानदार दुकानें बंद कर घरों को चले जाते हैं क्योंकि ग्राहक आने के चांस नहीं होते। बीघड़ रोड के दुकानदार ईश सचदेवा ने बताया कि सड़क टूटी होने के कारण यहां कारें फंस जाती हैं। ऐसे में उनकी दुकानदारी ठप हो जाती है।
1999 के बाद शहर की सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। परिषद के पास बजट की भी कमी है। किसी सड़क की ज्यादा टूटी होने की बात आई तो वहां मुरम्मत करवा दी जाएगी। सीवर डालने के लिए सड़के खोदने के कारण सड़क ज्यादा कंडम हुई है।
सुखविंद्र धूड़िया, जेई नगर परिषद फतेहाबाद
भट्टू रोड की सड़क लोक निर्माण विभाग के अधीन पड़ती है। यह सड़क लालबती से लेकर एक किलोमीटर भट्टू रोड तक काफी जर्जर अवस्था में है। इसके टेंडर लगाए हुए हैं। जल्द ही इसका निर्माण शुरू हो जाएगा। बाकी सड़कें उनके अधीन नहीं आतीं।
सुभाष भांभू, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग फतेहाबाद
2004 तक इनेलो सरकार थी, तभी शहर का विकास करवाया गया था उसके बाद कांग्रेस सरकार और अब भाजपा सरकार है किसी ने भी शहरों के विकास की तरफ ध्यान नहीं दिया। सड़कों का मुद्दा मैंने विधानसभा में उठाया था। सरकार इस क्षेत्र के साथ भेदभाव कर रही है।
बलवान सिंह दौलतपुरिया, विधायक फतेहाबाद
बराला ने दिया आश्वासन
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि संबंधित विभाग के मंत्री से बात कर जिलेभर के शहरों की जो भी सड़कें टूटी हुई हैं, उनके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अगर इसके लिए सीएम के सामने मांगपत्र रखना पड़ा तो वो भी करेंगे। जिले के लोगों को टूटी सड़कों की वजह से परेशानी नहीं उठाने दी जाएगी।