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Fatehabad News: हादसे में बची घायल दोहती की भी मौत, एक साथ दफनाए दादा-दादी और पोते के शव
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:20 PM IST
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गांव मताना के शमशान भूमि में दादा-दादी और पोता को मिट्टी में दफनाते हुए संवाद
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फतेहाबाद। राजस्थान के श्रीडूंगरगढ़ में सोमवार दोपहर को हुई सड़क दुर्घटना में 6 लोगों की मौत के बाद रात को ही वरिष्ठ लेखाकार के पद से सेवानिवृत्त ओमप्रकाश की घायल दोहती यशवी की सोमवार देर रात को उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद तीन परिवार पूरी तरह से बिखर गए। यशवी का बीकानेर के अस्पताल में उपचार चल रहा था।
सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले गांव मताना निवासी ओमप्रकाश, उनकी पत्नी सोरमा और पोते रोनित का मंगलवार सुबह एक साथ अंतिम संस्कार हुआ। दादा-दादी और पोते का शव जब दफनाए गए तो सभी की आंखें नम हो गई। बेटे सुरेंद्र ने उन्हें मिट्टी दी। सभी के शवों को बराबर- बराबर दफनाया गया। अंतिम क्रिया में पूर्व विधायक दुड़ाराम समेत काफी संख्या में ग्रामीण पहुंचे।
मां-बाप और बेटे के शव को देखकर बेटा सुरेंद्र बार-बार बेहोश हो रहा था। ग्रामीणों ने सुरेंद्र को संभाला और सारी अंतिम संस्कार क्रिया संपन्न कराई। वहीं भूना में शिक्षक संदीप की दोनों बेटियों को दफनाया गया। अग्रोहा में ओमप्रकाश की बेटी प्रोमिला और उसकी बेटी को दफनाया गया।
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दो बेटियों और बेटे का परिवार उजड़ा
राजस्थान में हुई सड़क दुर्घटना से ओमप्रकाश और उनकी पत्नी सोरमा की मौत के बाद दो बेटियों और एक बेटे का परिवार भी उजड़ गया। हादसे में दुर्घटना में बेटी बाला जो कि भूना में विवाहित है उसकी दोनों बेटियों की मौत हो गई है। दोनों बेटियां ग्रीष्मकालीन अवकाश में ननिहाल आई हुईं थीं। बाला के सिर्फ दो बेटियां थी। इसके अलावा बेटी प्रोमिला की भी मौत हो गई और दोहती की मौत हुई है। प्रोमिला के भी एक बेटी थी। ओमप्रकाश के इकलौते बेटे सुरेंद्र की एक बेटा रोनित और एक बेटी है। हादसे में बेटे रोनित की मौत हो गई है।
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सिर की हड्डी टूटने से यशवी की मौत
सोमवार दोपहर को राजस्थान के डूंगरगढ़ में हुई सड़क दुर्घटना में मताना के 6 लोगों की मौके पर मौत हो गई थी जबकि यशवी घायल हुई थी। यशवी को बीकानेर के अस्पताल में दाखिल करवाया गया। बच्ची के उपचार को लेकर गांव मताना सरपंच दलबीर सिंह मौके पर पहुंचे। देर रात को खून की उल्टी आने के बाद उसकी भी मौत हो गई। सरपंच के अनुसार डॉक्टरों ने बताया कि यशवी के सिर की हड्डी टूटने से मौत हुई है।
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टोल पर गुजारी रात, सुबह पहुंचे गांव
गांव मताना निवासी ओमप्रकाश शनिवार को पत्नी, बेटी, तीन दोहती और एक पोते के साथ मुकाम धाम गए थे। वहां से सोमवार को लौटते हुए कार की ट्रक के साथ टक्कर हो गई थी। सड़क दुर्घटना में 6 लोगों की मौके पर मौत गई थी जबकि एक की रात को उपचार दौरान मौत हुई। सरपंच दलबीर के मुताबिक राजस्थान के बीकानेर में रात को ही शवों का पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद परिवार के बाकी सदस्य रात को ही शवों को लेकर गांव के लिए रवाना हुआ। रात करीब दो बजे परिवार हिसार में टोल पर पहुंचा और वहीं रुका रहा। सुबह शवों को गांव में लाया गया और अंतिम संस्कार की क्रिया संपन्न करवाते हुए मिट्टी दी गई।
सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले गांव मताना निवासी ओमप्रकाश, उनकी पत्नी सोरमा और पोते रोनित का मंगलवार सुबह एक साथ अंतिम संस्कार हुआ। दादा-दादी और पोते का शव जब दफनाए गए तो सभी की आंखें नम हो गई। बेटे सुरेंद्र ने उन्हें मिट्टी दी। सभी के शवों को बराबर- बराबर दफनाया गया। अंतिम क्रिया में पूर्व विधायक दुड़ाराम समेत काफी संख्या में ग्रामीण पहुंचे।
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मां-बाप और बेटे के शव को देखकर बेटा सुरेंद्र बार-बार बेहोश हो रहा था। ग्रामीणों ने सुरेंद्र को संभाला और सारी अंतिम संस्कार क्रिया संपन्न कराई। वहीं भूना में शिक्षक संदीप की दोनों बेटियों को दफनाया गया। अग्रोहा में ओमप्रकाश की बेटी प्रोमिला और उसकी बेटी को दफनाया गया।
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दो बेटियों और बेटे का परिवार उजड़ा
राजस्थान में हुई सड़क दुर्घटना से ओमप्रकाश और उनकी पत्नी सोरमा की मौत के बाद दो बेटियों और एक बेटे का परिवार भी उजड़ गया। हादसे में दुर्घटना में बेटी बाला जो कि भूना में विवाहित है उसकी दोनों बेटियों की मौत हो गई है। दोनों बेटियां ग्रीष्मकालीन अवकाश में ननिहाल आई हुईं थीं। बाला के सिर्फ दो बेटियां थी। इसके अलावा बेटी प्रोमिला की भी मौत हो गई और दोहती की मौत हुई है। प्रोमिला के भी एक बेटी थी। ओमप्रकाश के इकलौते बेटे सुरेंद्र की एक बेटा रोनित और एक बेटी है। हादसे में बेटे रोनित की मौत हो गई है।
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सिर की हड्डी टूटने से यशवी की मौत
सोमवार दोपहर को राजस्थान के डूंगरगढ़ में हुई सड़क दुर्घटना में मताना के 6 लोगों की मौके पर मौत हो गई थी जबकि यशवी घायल हुई थी। यशवी को बीकानेर के अस्पताल में दाखिल करवाया गया। बच्ची के उपचार को लेकर गांव मताना सरपंच दलबीर सिंह मौके पर पहुंचे। देर रात को खून की उल्टी आने के बाद उसकी भी मौत हो गई। सरपंच के अनुसार डॉक्टरों ने बताया कि यशवी के सिर की हड्डी टूटने से मौत हुई है।
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टोल पर गुजारी रात, सुबह पहुंचे गांव
गांव मताना निवासी ओमप्रकाश शनिवार को पत्नी, बेटी, तीन दोहती और एक पोते के साथ मुकाम धाम गए थे। वहां से सोमवार को लौटते हुए कार की ट्रक के साथ टक्कर हो गई थी। सड़क दुर्घटना में 6 लोगों की मौके पर मौत गई थी जबकि एक की रात को उपचार दौरान मौत हुई। सरपंच दलबीर के मुताबिक राजस्थान के बीकानेर में रात को ही शवों का पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद परिवार के बाकी सदस्य रात को ही शवों को लेकर गांव के लिए रवाना हुआ। रात करीब दो बजे परिवार हिसार में टोल पर पहुंचा और वहीं रुका रहा। सुबह शवों को गांव में लाया गया और अंतिम संस्कार की क्रिया संपन्न करवाते हुए मिट्टी दी गई।