{"_id":"6a1884b9d7c9f179850cc2ad","slug":"hearts-embraced-the-atmosphere-was-fragrant-the-song-of-peace-echoed-hisar-news-c-21-hsr1020-879955-2026-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: गले मिले दिल, महकी फिजा... गूंजा अमन का तराना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: गले मिले दिल, महकी फिजा... गूंजा अमन का तराना
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Thu, 28 May 2026 11:38 PM IST
विज्ञापन
गांव मलापुर में नमाज पढ़ते मुस्लिम समाज के लोग । स्रोत आयोजक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हिसार। त्याग और भाईचारे का प्रतीक पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) वीरवार को मटका चौक स्थित क्रांतिमान पार्क में उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह आठ बजे मौलाना अब्दुल जब्बार साहब ने ईद की विशेष नमाज अदा करवाई जिसमें शहर और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे करीब 3000 लोगों ने शिरकत कर अमन, शांति और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज के दौरान पूरे क्षेत्र में सौहार्द और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।
मौलाना अब्दुल जब्बार ने कहा कि ईद-उल-अजहा इस्लामिक महीने जिलहिज्जा की 10वीं तारीख को मनाया जाता है। यह पर्व हजरत इब्राहीम की अल्लाह के प्रति अटूट आस्था, आज्ञाकारिता और सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि बकरीद त्याग, सब्र और इंसानियत की राह पर चलने की सीख देती है।
मुस्लिम कमेटी हिसार के प्रधान होशियार खान ने कहा कि यह पर्व जरूरतमंदों की मदद, सच्चाई के मार्ग पर चलने और अल्लाह के हुक्म को सहर्ष स्वीकार करने का संदेश देता है। समाज और प्रशासन के सहयोग से नमाज की सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संपन्न हुईं।
विज्ञापन
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाई दी। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भाईचारे और एकता का संदेश दिया। घरों में भी ईद की रौनक देखने को मिली। लोगों ने मेहमानों के स्वागत के लिए सेवइयां, मिठाइयां और पारंपरिक पकवान तैयार किए। शहर में कई स्थानों पर साफ-सफाई और सजावट भी की गई। ईद के मौके पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और हिंदू समाज के लोगों ने भी पार्क पहुंचकर मुस्लिम समाज को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर प्रेम खान, बरकत अली, मुन्ना अली सिकंदर, जुगनू, सतपाल खान, पाल खान सहित अनेक गण्यमान्य लोग मौजूद रहे।
ईद-उल-अजहा त्याग, सद्भावना और भाईचारे का प्रतीक : शेख सिराजुद्दीन
हिसार। कैमरी रोड पर अहमदिया मुस्लिम समुदाय ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। नमाज प्रचार प्रमुख शेख सिराजुद्दीन ने नमाज पढ़ाई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि द-उल-अजहा त्याग, सद्भावना और भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ईद की खुशियों में गरीब, यतीम और जरूरतमंद लोगों को भी शामिल करें तथा देश की एकता और शांति के लिए प्रयासरत रहें।
मक्का मस्जिद मल्लापुर में भी अदा की गई ईद की नमाज
हिसार। मक्का मस्जिद मल्लापुर में भी मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। ईमाम अब्दुल सतार साहब ने नमाज से पहले कुर्बानी के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। नमाज के बाद देश-दुनिया में अमन-चैन, खुशहाली, तंदरुस्ती और आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी गई। मस्जिद के प्रधान ताज मोहम्मद ने सभी को ईद की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर मास्टर सुतार दीन, लाल दीन, इद्दुदीन, छेलुदीन, नूर मोहम्मद, आमीन दीन, मोबीन दीन, शरीफ दीन, सुबेदीन और मनीरदीन सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मौलाना अब्दुल जब्बार ने कहा कि ईद-उल-अजहा इस्लामिक महीने जिलहिज्जा की 10वीं तारीख को मनाया जाता है। यह पर्व हजरत इब्राहीम की अल्लाह के प्रति अटूट आस्था, आज्ञाकारिता और सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि बकरीद त्याग, सब्र और इंसानियत की राह पर चलने की सीख देती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुस्लिम कमेटी हिसार के प्रधान होशियार खान ने कहा कि यह पर्व जरूरतमंदों की मदद, सच्चाई के मार्ग पर चलने और अल्लाह के हुक्म को सहर्ष स्वीकार करने का संदेश देता है। समाज और प्रशासन के सहयोग से नमाज की सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संपन्न हुईं।
Trending Videos
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाई दी। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भाईचारे और एकता का संदेश दिया। घरों में भी ईद की रौनक देखने को मिली। लोगों ने मेहमानों के स्वागत के लिए सेवइयां, मिठाइयां और पारंपरिक पकवान तैयार किए। शहर में कई स्थानों पर साफ-सफाई और सजावट भी की गई। ईद के मौके पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और हिंदू समाज के लोगों ने भी पार्क पहुंचकर मुस्लिम समाज को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर प्रेम खान, बरकत अली, मुन्ना अली सिकंदर, जुगनू, सतपाल खान, पाल खान सहित अनेक गण्यमान्य लोग मौजूद रहे।
ईद-उल-अजहा त्याग, सद्भावना और भाईचारे का प्रतीक : शेख सिराजुद्दीन
हिसार। कैमरी रोड पर अहमदिया मुस्लिम समुदाय ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। नमाज प्रचार प्रमुख शेख सिराजुद्दीन ने नमाज पढ़ाई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि द-उल-अजहा त्याग, सद्भावना और भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ईद की खुशियों में गरीब, यतीम और जरूरतमंद लोगों को भी शामिल करें तथा देश की एकता और शांति के लिए प्रयासरत रहें।
मक्का मस्जिद मल्लापुर में भी अदा की गई ईद की नमाज
हिसार। मक्का मस्जिद मल्लापुर में भी मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। ईमाम अब्दुल सतार साहब ने नमाज से पहले कुर्बानी के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। नमाज के बाद देश-दुनिया में अमन-चैन, खुशहाली, तंदरुस्ती और आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी गई। मस्जिद के प्रधान ताज मोहम्मद ने सभी को ईद की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर मास्टर सुतार दीन, लाल दीन, इद्दुदीन, छेलुदीन, नूर मोहम्मद, आमीन दीन, मोबीन दीन, शरीफ दीन, सुबेदीन और मनीरदीन सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।