{"_id":"e741b7ce32f6f3fa9b488b752b3586e6","slug":"mother-daughter-died-after-ate-poisonous-food","type":"story","status":"publish","title_hn":"जहरीले आटे की रोटी खाई, मां-बेटी की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जहरीले आटे की रोटी खाई, मां-बेटी की मौत
जींद/ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2013 09:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गांव नगूरां में शुक्रवार देर शाम जहरीला खाना खाने से मां और दो बेटियां गंभीर रुप से बीमार हो गई। तीनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर मां और बड़ी बेटी की मौत हो गई।
जबकि दूसरी बेटी जिंदगी और मौत से जूझ रही है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। गांव नगूरां निवासी जोगेंद्र की पत्नी गीता (45), उसकी बेटी सोनिया (18) और स्वीटी (16) को शुक्रवार रात गंभीर हालत के कारण निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां देर रात उपचार के दौरान गीता और सोनिया की मौत हो गई। जबकि स्वीटी की हालत गंभीर बनी हुई है।
मृतका गीता के पिता गांव सिंध्वीखेड़ा निवासी चंद्र सिंह ने बताया कि सुरसरी से बचाने के लिए गेहूं की टंकी में सल्फास की गोलियां रखी हुई थी। शुक्रवार को गेहूं पिसवाया गया गया था। शाम को रोटियां बनाने के बाद तीनों मां-बेटियों ने खाना खाया। उस दौरान परिवार के अन्य सदस्य बाहर थे।
विज्ञापन
खाना खाने के बाद ही तीनों को उल्टियां आनी शुरू हो गई। परिजनों ने तीनों को गंभीर हालत में शहर के निजी अस्पताल में पहुंचाया। जहां पर गीता और सोनिया की मौत हो गई। जबकि स्वीटी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
जांच अधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि जहरीला खाना खाने से मां-बेटी की जान गई है। जबकि दूसरी लड़की की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मृतक मां तथा बेटी का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया।
जबकि दूसरी बेटी जिंदगी और मौत से जूझ रही है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। गांव नगूरां निवासी जोगेंद्र की पत्नी गीता (45), उसकी बेटी सोनिया (18) और स्वीटी (16) को शुक्रवार रात गंभीर हालत के कारण निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां देर रात उपचार के दौरान गीता और सोनिया की मौत हो गई। जबकि स्वीटी की हालत गंभीर बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मृतका गीता के पिता गांव सिंध्वीखेड़ा निवासी चंद्र सिंह ने बताया कि सुरसरी से बचाने के लिए गेहूं की टंकी में सल्फास की गोलियां रखी हुई थी। शुक्रवार को गेहूं पिसवाया गया गया था। शाम को रोटियां बनाने के बाद तीनों मां-बेटियों ने खाना खाया। उस दौरान परिवार के अन्य सदस्य बाहर थे।
Trending Videos
खाना खाने के बाद ही तीनों को उल्टियां आनी शुरू हो गई। परिजनों ने तीनों को गंभीर हालत में शहर के निजी अस्पताल में पहुंचाया। जहां पर गीता और सोनिया की मौत हो गई। जबकि स्वीटी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
जांच अधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि जहरीला खाना खाने से मां-बेटी की जान गई है। जबकि दूसरी लड़की की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मृतक मां तथा बेटी का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया।