जमकर बरसे मेघा, शहर में हुआ पानी ही पानी
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शनिवार सुबह साढ़े दस बजे झमाझम बारिश हुई। एक घंटे की बरसात में ही पूरा शहर पानी से लबालब हो गया। सड़कों ने तालाब का रूप धारण कर लिया। शहर के पुराना बस अड्डा रोड, अंबेडकर चौक, सीताराम गेट, माता गेट, बीकानेर चौक, सिलानी गेट क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर एक से डेढ़ फुट तक पानी जमा हो गया। पानी की निकासी की व्यवस्था न होने के चलते वाहन चालकों, आमजन और राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों की बाइक पानी के बीचो-बीच बंद हो गई। झज्जर शहर में 20 एमएम, दुजाना में 3 एमएम और बेरी में 4 एमएम बारिश दर्ज की गई। उधर, बारिश के चलते किसानों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। वहीं, दोपहर बाद फिर तेज धूप निकलने से लोगों को गर्मी से दो चार होना पड़ा।
एक घंटे की बरसात भी नहीं झेल पाया शहर
शनिवार सुबह मानसून की सबसे बढ़िया यानि तेज बरसात झज्जर शहर में हुई। झमाझम बारिश के चलते पूरा शहर पानी से तरबतर हो गया। एक घंटे की बरसात ने ही जिला प्रशासन के पानी निकासी के दावों की पोल खोल कर रख दी। अधिकांश शहर में पानी ही पानी भर गया। सफाई व्यवस्था सुचारु रूप से न होने के चलते नाले ओवर फ्लो हो गए। जिसके चलते आमजन को परेशानी हुई। बारिश रुकने के दो घंटे के बाद भी सड़कों पर पानी भरा रहा।
कुछ घंटे मिली राहत, फिर सताया गर्मी ने
एक घंटे की झमाझम बरसात के चलते कुछ समय के लिए लोगों को गर्मी से राहत मिली। शहरवासियों ने बारिश का लुत्फ भी उठाया। छोटे-बच्चे और युवाओं ने बारिश का आनंद लेते हुए नहाते हुए भी दिखाई दिए, लेकिन कुछ समय की राहत के बाद फिर लोगों को गर्मी से दो-चार होना पड़ा। सूर्य देव फिर अपनी पूरी तपिश में दिखाई दिए। चिलचिलाती धूप के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
किसानों के चेहरों पर छाई खुशी
झमाझम बरसात के चलते किसानों के चेहरों पर खुशी छा गई। किसानों ने धान सहित अन्य फसलों के लिए बारिश को फायदेमंद बताया। किसान रघुबीर सिंह, प्रहलाद सिंह, राज सिंह आदि ने बताया कि बरसात के चलते फसलों पर लगे कीड़े भी मर जाएंगे और बारिश का पानी खाद का भी काम करेगा।